New Delhi: भाजपा और कांग्रेस की लोकसभा सीटों (Loksabha Election 2024) के प्रत्याशियों के चयन में कुछ सीटें मशक्कत वाली होंगी। दोनों ही दलों की सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठकें होने वाली हैं। भाजपा हालांकि 15 लोकसभा प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है, लेकिन शेष 10 सीटों पर प्रत्याशी चयन करना पार्टी के लिए आसान नहीं बन रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस की भी करीब 8 से 10 सीटें ऐसी हैं, जहां सहमति बनने में समय लग सकता है। दोनों ही दलों के लिए सहमति नहीं बन पाने की एक बड़ी वजह कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो रहे नेताओं के कारण भी है।
भाजपा और कांग्रेस में कश्मकश
असल में कांग्रेस विधायक रहते पार्टी छोड़कर भाजपा (Loksabha Election 2024) में शामिल हुए महेंद्र जीत सिंह मालवीया को तो पार्टी ने बांसवाड़ा से टिकट दे ही दिया है, लेकिन अन्य का पार्टी में क्या उपयोग किया जाएगा, उन्हें टिकट दिया जाएगा या नहीं, इसे लेकर पार्टी को तय करना है। यही कारण है कि भाजपा की दिल्ली में होने वाली बैठक में पार्टी जॉइन करने वाले कांग्रेस के नेताओं और भाजपा के दावेदारों के बीच कश्मकश की स्थिति रहेगी। इधर, कांग्रेस भी प्रयास में है कि भाजपा के बड़े नेताओं को पार्टी जॉइन कराया जाए। चूरू सांसद राहुल कस्वां के कांग्रेस जॉइन करने की अटकलों के बीच पार्टी के मौजूदा दावेदारों में से एक को चुनने की कश्मकश यहां भी रहेगी।
जयपुर सहित कई सीटों पर फंसा पेंच
भाजपा को जयपुर ग्रामीण, अजमेर, दौसा, सवाई माधोपुर, झुंझुनूं, राजसमंद सहित 10 सीटों पर नाम तय करने हैं। जयपुर ग्रामीण सीट लालचंद कटारिया के आने से मजबूत जरूर होगी, लेकिन टिकट को लेकर यहां पेंच फंसेगा। वहीं, जयपुर सीट में पूर्व में भाजपा में शामिल ज्योति खण्डेलवाल और पंडित सुरेश मिश्रा भी दावा ठोक रहे हैं। दोनों ने विधानसभा चुनाव में भी प्रयास किया था, लेकिन पार्टी ने दोनों पर कोई निर्णय नहीं किया। लोकसभा प्रत्याशी चयन में यहां भी ऐसी स्थिति आ सकती है। जबकि भीलवाड़ा से रिजु झुंझुनवाला और करौली-धौलपुर सीट से कांग्रेस से आए खिलाड़ीलाल बैरवा को लेकर भी चर्चा करनी होगी।