Jaipur: पिछले दो लोकसभा चुनाव में राजस्थान (Congress Candidate List) में अपना खाता नहीं खोल पाई कांग्रेस ने इस बार टिकट बंटवारे में काफी प्रयोग किए हैं। 10 प्रत्याशियों की पहली सूची में कोई भी चेहरा रिपीट नहीं किया है। यहां तक कि 2014 के प्रत्याशियों को भी दुबारा मौका नहीं दिया है। एक और खास बात, अब तक कयास लगाए जा रहे थे कि अशोक गहलोत जैसे नेता लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, लेकिन ये साफ हो गया है कि बड़े नेता चुनाव मैदान में जाने से बच रहे हैं।
पूर्व सीएम के बेटे को जालोर-सिरोही से मिली टिकट
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव को जालोर-सिरोही से टिकट मिलने के बाद उनके चुनाव लड़ने की संभावना खत्म हो गई है। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को लेकर माना जा रहा था कि वो टोंक-सवाई माधोपुर से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन वहां इनके समर्थक विधायक को टिकट दिया गया है। अब बड़े के नाम पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की सीट बची है। सीपी चुनाव हारे हुए हैं तो संभवत: वो चुनाव लड़ लें। बाकी डोटासरा की संभावना कम ही नजर आ रही है।
पिछले दो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राजस्थान में नहीं खोल पाई खाता
कांग्रेस के पास लोकसभा चुनाव में राजस्थान में खोने के लिए कुछ नहीं है। पार्टी पिछले दो चुनावों में एक भी सीट नहीं जीती है। 2014 से पहले कांग्रेस 20 सीट जीतती थी। ऐसे में पुराना आजमाया हुआ फॉर्मूला अपनाया गया है। जातिगत और जनाधार वाले नेताओं को नए इलाकों में टिकट दिए गए हैं। कांग्रेस पर एक दबाव ये भी है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में वोटर्स के बीच कांग्रेस का प्रभाव दिखाई देता है, लेकिन लोकसभा चुनाव में वोटिंग पैटर्न बदल जाता है।
गहलोत-पायलट के खेमों को किया गया बैलेंस
पहली सूची में कांग्रेस में अशोक गहलोत (Congress Candidate List) और सचिन पायलट खेमों को बैलेंस करने का प्रयास किया गया है। गहलोत गुट के 4 व पायलट गुट के 3 नेताओं को टिकट दिया गया है। इसके लिए 3 न्यूट्रल टिकट दिए गए हैं।
जोधपुर की तुलना में जालोर में चुनौतियां कम
जोधपुर की तुलना में जालोर में चुनौतियां कम हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव को देखें तो मारवाड़ का पूरा इलाका BJP का गढ़ बन चुका है। सीट के अंदर आने वाले जालोर, सिरोही और सांचौर जिले की बात करें तो यहां पर 8 सीटें हैं। विधानसभा चुनाव में इनमें से सिर्फ 3 सीटें ही कांग्रेस ने जीती हैं। दूसरा अप्रवासियों की संख्या ज्यादा है, जो गुजरात व महाराष्ट्र से आते हैं व BJP बैकग्राउंड के माने जाते हैं।
चुरू से राहुल कंस्वा को मिला टिकट
सांसद राहुल कस्वां कितना नुकसान पहुंचाएंगे ये वक्त बताएगा, लेकिन कांग्रेस को चूरू सीट से एक मजबूत कैंडिडेट की तलाश थी, जो खत्म हुई। कस्वां इस सूची में कांग्रेस के सबसे मजबूत कैंडिडेट्स में से एक हैं। भले ही कांग्रेस की कितनी भी आंधी रही हो, लेकिन 1999 के बाद से इस सीट पर भाजपा का ही कब्जा रहा है। पहले राहुल कस्वां के पिता राम सिंह कस्वां यहां से 4 बार सांसद रहे हैं। ऐसे में कस्वां का प्रभाव तो इस सीट पर है ही। भाजपा ने देवेंद्र झाझड़िया को इस सीट से टिकट दिया है। वे पहली बार चुनाव लड़ने का अनुभव लेंगे। इस सीट पर भाजपा को अच्छी खासी चुनौती मिलने वाली है। चूरू लोकसभा सीट में आने वाली विधानसभा सीटों को देखें तो आधी से ज्यादा विधानसभा सीटों पर कांग्रेस काबिज है।
जोधपुर से करणसिंह को उतारा मैदान में
जोधपुर की बात करें तो यहां पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सामने नए चेहरे के रूप में करणसिंह को उतारा गया है। ये स्थानीय हैं। साथ ही राजपूत प्रभाव वाले हैं। पायलट के समर्थक हैं। सीट पर राजपूत मतदाता भी हैं। शेखावत दो बार से सांसद हैं तो कुछ विरोध भी है। ऐसे में जीत-हार का अंतर अब पहले जैसा नहीं रहेगा। ये तय है।
उदयपुर ST रिजर्व सीट पर दो अफसरों में मुकाबला
उदयपुर ST रिजर्व सीट पर इस बार दो अफसरों में मुकाबला होगा। दोनों ही अफसर उदयपुर में रह चुके हैं। कांग्रेस ने उदयपुर में कलेक्टर रहे ताराचंद मीणा को उताकर नया चेहरा दिया है। भाजपा ने यहां पर डीटीओ रहे अतिरिक्त परिवहन आयुक्त मन्नालाल रावत को टिकट दिया है। दोनों उम्मीदवारों के मैदान में होने से यहां मुकाबला रोचक हो गया है। ऐसा ही चूरू सीट पर देखने को मिलेगा।
भाजपा-कांग्रेस की सूची में बेसिक अंतर क्या है?
भाजपा ने एक भी मौजूदा विधायक नहीं उतारा, वहीं कांग्रेस ने तीन उतारे हैं। बाकी देखें तो जैसा बैलेंस कांग्रेस की पहली सूची में दिख रहा है, वैसा ही भाजपा की 15 नामों वाली पहली सूची में दिखाई दिया था। भाजपा के 8 प्रत्याशी OBC वर्ग से हैं और इसमें से भी 4 प्रत्याशी जाट समाज से आते हैं। वहीं ब्राह्मण, वैश्य और राजपूत समाज को एक-एक सीट पर मौका दिया। कुल मिलाकर 3 सवर्ण कैंडिडेट हैं। वहीं, SC-ST से भी दो-दो टिकटें दी गई हैं।
दोनों पार्टियों की पहली सूची के प्रत्याशियों के जातिगत समीकरण क्या कहते हैं?
कांग्रेस की 10 कैंडिडेट्स की सूची में (Congress Candidate List) दो जाट, दो-दो ST-SC, एक राजपूत, एक सैनी, एक यादव और एक आंजना (पटेल) समाज से चुने गए हैं। हालांकि ब्राह्मण और वैश्य सूची में शामिल नहीं हैं। कांग्रेस की ओर से 15 सीटों पर अभी भी नाम सामने आने बाकी हैं।