Jaipur: यमुना जल समझौते को लेकर आज कांग्रेस और बीजेपी ने एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Dotasra) ने कहा- इस पर्ची की सरकार ने पहले ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) और अब यमुना जल समझौते के नाम पर जनता को भ्रमित करने का काम किया है। उन्होंने कहा- यमुना जल समझौते को लेकर पर्ची सरकार ने हरियाणा सरकार के सामने घुटने टेक दिए। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर विधानसभा में कह रहे हैं कि हरियाणा को 24 हजार क्यूसेक पानी मिलेगा। इस तरह से तो राजस्थान को एक लीटर पानी भी नहीं मिलने वाला है।
राज्यसभा सांसद ने डोटासरा के बयान पर किया पलटवार
डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा- हमने पिछले पांच साल खर्ची की सरकार भी देखी है। खर्चा दो, काम करवाओ। उन्होंने कहा कि जो समझौता पिछले 30 साल से नहीं हो पा रहा था। उसे भजनलाल सरकार ने आते ही पूरा कर दिया। इस समझौते से राजस्थान को 1917 क्यूसेक पानी मिलेगा।
क्या बोले डोटासरा?
पीसीसी में प्रेस वार्ता कर डोटासरा ने कहा कि राजस्थान सरकार ने हरियाणा से पानी का नहीं, बल्कि पाइपलाइन बिछाने और इन्फ्रास्ट्रक्चर का समझौता किया है। उसके बदले हरियाणा ने 24 हजार क्यूसेक पानी पर अपना दावा कर दिया है। जबकि 2002 के समझौते के अनुसार हरियाणा को 13 हजार क्यूसेक पानी ही मिलना था। डोटासरा ने कहा- यमुना जल समझौता 1994 में किया गया था। इसमें यह फैसला हुआ था कि शेखावाटी को 1917 क्यूसेक पानी मिलेगा। एक समझौता 2001-2002 में भी हुआ। इसमें हरियाणा से यह तय हुआ कि किस स्थान से पानी मिलेगा। उस समय हरियाणा का दावा 13 हजार क्यूसेक पर था।
24 हजार क्यूसेक पानी पहले हरियाणा लेगा- मनोहर लाल खट्टर
उसके अतिरिक्त पानी लेने के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जाना था, लेकिन हरियाणा ने उसकी एनओसी राजस्थान को नहीं दी। अभी जो कथित समझौता होना बताया जा रहा है, उसमें राजस्थान की भाजपा सरकार ने हरियाणा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। समझौते पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कह रहे हैं कि 24 हजार क्यूसेक पानी पहले हरियाणा लेगा। उसके बाद बरसात के दिनों में 15-20 दिन अगर कोई अतिरिक्त पानी हुआ तो राजस्थान को देंगे। उस अतिरिक्त पानी में से भी 25 प्रतिशत पानी पहले हरियाणा लेगा।
कांग्रेस के कुकर्मों के चलते 30 साल से नहीं हो सका समझौता
डोटासरा (Govind Dotasra) के बयान पर सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा- राजस्थान को यमुना जल समझौते से 1917 क्यूसेक पानी मिलना तय है। यह मोदी की गारंटी है। यह भी तय है कि मोदी की गारंटी है तो पूरा होने की भी गारंटी है। राजस्थान की डबल इंजन सरकार यमुना जल समझौते पर 4 माह में डीपीआर बनाने के साथ ही अपने इस कार्यकाल में चूरू, झुंझुनूं, सीकर और नीमकाथाना जिले में पानी पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा- कांग्रेस पार्टी के कुकर्मों के चलते हथिनी कुंड बैराज पर 30 साल तक कोई समझौता नहीं हो पाया। आज भी कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान की जनता से धोखा किया है। एक ओर हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस पार्टी ने आवाज उठाई कि खट्टर सरकार ने हरियाणा के हितों को राजस्थान को बेच दिया। कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा विधानसभा में 2 बार वॉकआउट किया। राजस्थान को मिलने वाले पानी का विरोध किया। वहीं, दूसरी ओर गोविंद सिंह डोटासरा स्टेटमेंट दे रहे हैं कि यमुना समझौता हुआ ही नहीं। यह कांग्रेस का दोहरा चरित्र है।