Jaipur: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sukhdev Singh Gogamedi) एक ऐसा व्यक्तित्व था जो राजपूतों को राजस्थान में जोड़े रहता था और उन्होंने अपने समाज के साथ-साथ और भी जो समाज था उसको भी बराबर श्रेणी में देखते थे एक बार इन्होंने 2013 में बसपा की तरफ से चुनाव भी लड़ा था मगर यह वहाँ से जीत नहीं पाए थे किन्तु उन्होंने हार नहीं मानी आगे वह बढ़ते रहे और अपने एक्टिव रूप सी राजनीति में बने रहे और धीरे इनके दुश्मन बनते चले गए अभी हाल ही में कुछ गैंगगस्टर इनके घर में जाकर हत्या कर दी हैं। देखा जाए तो राजस्थान में राजपूतों का पहले से ही बोल बोला रहा हैं। आज पूरा राजपूत समाज सड़को पर धरना प्रदर्शन कर रहा हैं।
राजस्थान के गोगामेड़ी गांव में हुआ था जन्म
गोगामेंडी पहले इनका बैकग्राउंड बहुत मिडिल क्लास फैमिली का था मगर वह धीरे-धीरे जब से इस सेना से जुड़े हैं तब से इनकी दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होने लगी और साथ ही साथ वह एक फेमस होकर सबके सामने आ गए थे और बहुत लोग तो इनके दुश्मन भी हो गए थे इनका जन्म 20 फरवरी सन् 1970 में राजस्थान के गोगामेडी गाँव में हुआ था अपना बचपन वहीं पर गुजरा और फिर बड़े होकर वह जयपुर जैसे बड़े शहर में आकर बस गए थे।
- शिक्षा में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्दालय से मास्टर ऑफ आर्ट में किया हुआ था।
- इन्हें जब करणी सेना से निकाल दिया गया जब इन्होंने श्री राजपूत राष्ट्रीय करणी सेना का निर्माण किया और उसके अध्यक्ष बन गए।
- कहा जा रहा है कि जिस मकान में उनकी हत्या हुई उस मकान पर उन्होंने जबरन कब्जा किया हुआ था।
- सुखदेव सिंह राजस्थान राज्य क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष भी थे।
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के परिवार में इनके साथ दो भाई और एक बहन है और साथ ही साथ इनकी शादी भी एक राजपूत खानदान में हुई थी उनमें से इनके बच्चे भी हैं इनके पिता का नाम अंचल सिंह शेखावत था और इनकी माता का नाम इचारज कंवर था. इनके भाई का नाम दिलीप सिंह और कान सिंह है और बहन का नाम मधु कंवर हैं इनकी पत्नी का नाम शिखा शेखावत गोगा मेडी हैं और इनके दो बच्चे भी हैं अर्थात इनकी दो लड़कियाँ हैं। कहा जाता हैं कि सुखदेव सिंह गोगा मेडी की तीन पत्नियाँ थी जिसमें से एक शिखा शिखावत गोगा मेडी हैं।
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ‘राजपूत आरक्षण आंदोलन’
आये दिन आप लोगों ने आरक्षण के मुद्दे को अपने देश में उछलते हुए हर समय देखा होगा और उसमें से एक समय था राजस्थान में भी आरक्षण का मुद्दा उठा था राजपूतों की तरफ से जिसमें पहले भूमिका निभा रहे सुखदेव सिंह ने इस मुद्दे को उठाया था। यह मुद्दा 2017 में राजपूतों के आरक्षण आंदोलन के रूप में उठाया गया जिसमें यह कहा जा रहा था कि राजपूतों को भी आरक्षण प्रदान किया जाए जिन्हें जरूरत हैं। इसी के चलते पूरे देश में काफी चर्चा होने लगी थी।
लोकेंद्र सिंह कालवी और गोगामेड़ी के बीच विवाद
राजपूत समाज के बड़े नेता के तौ पर पर पहचान रखने वाले लोकेंद्र सिंह कालवी का निधन इसी साल मार्च में हुआ। लोकेंद्र कालवी वही नेता थे, जिन्होंने करणी सेना में सुखदेव गोगामेड़ी की एंट्री करवाई थी।। साल 2012 में कालवी ने गोगामेड़ी को करणी सेना का अध्यक्ष बनाया था। लेकिन सुखदेव गोगामेड़ी के खिलाफ कई अपराधिक मामले दर्ज होने के बाद उन्हें पद से हटाया गया। बताया जाता है तभी से लोकेंद्र सिंह कालवी और सुखदेव गोगामेड़ी के बीच विवाद छिड़ गया था।
ऐसे बनी राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी राजस्थान में राजपूतों के नेता थे। राजपूतों में उनका खासा सम्मान था और युवाओं के पसंदीदा थे। वह लंबे समय तक राष्ट्रीय करणी सेना से जुड़े रहे थे। बाद में करणी सेना में कुछ विवाद होने के बाद गोगामेड़ी ने राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नाम से अपना अलग संगठन बना लिया था। तब से वह ही इस संगठन के अध्यक्ष थे। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने दो बार बसपा से चुनाव भी लड़ा था। साल 2018 में गोगामेड़ी ने भाजपा से टिकट भी मांगी थी, लेकिन भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था।
लोकेंद्र सिंह कालवी और गोगामेड़ी के बीच विवाद
राजपूत समाज के बड़े नेता के तौ पर पर पहचान रखने वाले लोकेंद्र सिंह कालवी का निधन इसी साल मार्च में हुआ। लोकेंद्र कालवी वही नेता थे, जिन्होंने करणी सेना में सुखदेव गोगामेड़ी की एंट्री करवाई थी।। साल 2012 में कालवी ने गोगामेड़ी को करणी सेना का अध्यक्ष बनाया था। लेकिन सुखदेव गोगामेड़ी के खिलाफ कई अपराधिक मामले दर्ज होने के बाद उन्हें पद से हटाया गया। बताया जाता है तभी से लोकेंद्र सिंह कालवी और सुखदेव गोगामेड़ी के बीच विवाद छिड़ गया था।
संजय लीला भंसाली को थप्पड़ मार आए चर्चा में
सुखदेव गोगामेड़ी सबसे ज्यादा सुर्खियों में तब रहे , जब साल 2017 में फिल्म पद्मावती के शूटिंग जयपुर के नाहरगढ़ फोर्ट में चल रही थी। इस दौरान फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को उन्हीं के सेट पर जाकर थप्पड़ मार दिया था। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने इस फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोला, तो देशभर में वह चर्चा में आ गए। इसके बाद भंसाली की फिल्म का पूरे देश में विरोध शुरू हो गया। फिल्म को राजस्थान में करणी सेना ने रिलीज भी नहीं होने दिया। इस विरोध से परेशान होकर फिल्म निर्माता ने फिल्म का नाम बदलकर पद्मावत करना पड़ा। राजपूत समाज के युवाओं के बीच इस दौरान सुखदेव सिंह गोगामेड़ी काफी फेमस हुए ।
गोगामेड़ी पर जानिए कितने मामले दर्ज
मीडिया रिपोटर्स के अनुसार सुखदेव सिंह गोगामेड़ी पर 21 केस दर्ज हैं। इसमें से 7 गंभीर आपराधिक मामले हैं। साल 2003 में हत्या के मामले में व 2013 में आर्म्स एक्ट में इन्हें दोषी ठहराया गया। साल 2016 में इनके खिलाफ एक महिला ने यौन उत्पीड़न का भी केस किया था।
ऐसे हुई सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या
जयपुर की श्याम नगर थाना पुलिस सुखदेव सिंह गोगामेडी की हत्या के बाद मामले की जांच में जुट गई। पुलिस को दोनों बदमाशों की तलाश थी। इसके लिए उन्होंने स्पेशल टीम का गठन किया जिसमें दिनेश एमएन को शामिल किया गया। दिनेश एमएन आनंदपाल एनकाउंटर में भी शामिल थे। गोगामेड़ी की हत्या दोपहर करीब 1:45 बजे की गई। दो युवक उनके घर आए और गोली मार कर वहां से फरार हो गए। इन बदमाशों ने ही सुखदेव सिंह गोगामेड़ी पर गोलियां बरसाई थीं। राजधानी में चुनावी सरगर्मियों के बीच मंगलवार को इस आपराधिक घटना ने सबको चौंका दिया था।
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को किसने मारा
हाल ही में ख़बरें आ रही है कि राकेश गोदारा नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के जारिए यह कहा है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के मर्डर की जिम्मेदारी हम ले रहे हैं, क्योकि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हमारे दुश्मनों के साथ मिल कर साजिश करता है। इसलिए इसकी मौत की जिम्मेदारी हम ले रहे हैं। हमने मारा है सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि इन्हें किसके कहने पर मारा गया है, जैसे ही इनका मर्डर करने वाले दोनों आरोपी पकड़े जायेंगे तो इसका भी खुलासा हो जायेगा।