गुवाहटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को गुवाहाटी में 8वें असम इंटरनेशनल एग्री-हॉर्टी शो का उद्घाटन किया। बता दें कि तीन दिवसीय एग्री-हॉर्टी शो में 11 देशों और विभिन्न सरकारी और निजी संस्थाओं की भागीदारी होगी। इसके जरिए विभिन्न वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा और कृषि-अर्थव्यवस्था पर प्रासंगिक चर्चा की जाएगी।
क्या बोले सीएम हिमंत सरमा
इस दौरान उन्होंने खाद्य आत्मनिर्भरता को लेकर बड़ी बात की। उन्होंने कहा कि अगले दो सालों के भीतर असम खाद्य आत्मनिर्भरता में बड़ा लाभ हासिल करेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दैनिक जरूरतों पर खर्च किया जाने वाला पैसा राज्य के भीतर ही रहे। उन्होंने कहा 'हम मछली, फूल, भोजन लेकर राज्य में प्रवेश करने और कोयला और खनिज लेकर बाहर निकलने की प्रथा को समाप्त करना चाहते हैं।'
किसानों से किया आग्रह
हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान असम के मुख्यमंत्री को अन्य राज्यों में किसानों की सर्वोत्तम प्रथाओं को देखने का अवसर मिला। इसको लेकर उन्होंने कहा, 'मैं अपने किसानों से आग्रह करता हूं कि वे दूसरी फसल की खेती करें और अपनी आय बढ़ाने के लिए व्यावसायिक पेड़ भी उगाएं। असम के आधुनिक इतिहास में पहली बार, हमारी सरकार ने किसानों से धान खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है। 1,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। किसानों के बैंक खातों में जमा किया गया है।' मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी कहा कि राज्य की मौजूदा सरकार कृषि क्षेत्र के उत्थान के लिए पिछले ढाई साल से अथक प्रयास कर रही है।
धान खरीदने की पहल से हुआ किसानों को फायदा
सरमा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदने की पहल से राज्य भर के 62,000 किसानों से कुल 6 लाख मीट्रिक टन फसल की खरीद हुई। उन्होंने कहा, इससे किसानों और कृषकों के खातों में कुल 12,000 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित हुई। उन्होंने कहा कि किसानों से सरसों खरीदने के राज्य सरकार के प्रयास को भी अभूतपूर्व उत्साह मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं कि किसान उन योजनाओं और नीतियों से वंचित न रहें जो उनके लाभ के लिए शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि बाजरा मिशन, चारा मिशन सहित अन्य का उपयोग किसानों को समर्थन देने के माध्यम के रूप में किया जा रहा है।
किसानों को दी ये सलाह
कई अन्य राज्यों के किसानों की तुलना असम के किसानों से करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम के किसानों को भी बड़े पैमाने पर व्यावसायिक वृक्षारोपण और बागवानी करना चाहिए ताकि कुछ अन्य राज्यों के अपने समकक्षों की तरह उनकी आय में वृद्धि हो सके। राज्य के नींबू, लीची, अदरक और भूतजोलोकिया जैसे उत्पादों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने विश्वास जताया कि ऐसी प्रजातियों की वैज्ञानिक खेती सुनिश्चित करने में काफी मदद करेगी।
असम को कृषि और मुर्गीपालन में आत्मनिर्भर राज्य बनाना
सरमा ने कहा कि हालांकि राज्य में 100 करोड़ रुपये का फूल बाजार है, लेकिन राज्य में खेती किए जाने वाले फूल कुल मांग का लगभग 15% ही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सुअर के चारे और मछली के चारे समेत अन्य चीजों के लिए राज्य के बाहर से खरीद पर भी निर्भर है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से असम को कृषि और मुर्गीपालन में आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए कदम उठाने की अपील की।