Jaipur: बाड़मेर-जैसलमेर सीट पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर (Hanuman Beniwal) वोटिंग के बाद भी जारी है। निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी के आरोपों पर रविवार को कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम बेनीवाल ने पलटवार किया। बेनीवाल ने एक प्रेस वार्ता में कहा- निर्दलीय प्रत्याशी(रविंद्र सिंह भाटी) के कार्यकर्ताओं ने ही मारपीट की। वे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे कहावत को सिद्ध कर रहे है। खुद ने ही गलती की और फिर प्रदर्शन किया।
'साजिश के तहत यह ऐसा काम हुआ है'
उन्होंने कहा- हुड़दंग निर्दलीय प्रत्याशी के कार्यकर्ताओं ने मचाया और वो सभी बाहर से आए लोग थे। बाहर से आए लोगों को उकसाया गया और ट्रेनिंग दी गई। पहले से ही यह षड़यंत्र रचा गया। साजिश के तहत यह ऐसा काम हुआ है। जिसने भी किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो। बेनीवाल ने कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी ने सबसे ज्यादा आतंक फैलाया, जो सदियों से भाईचारा था, उसमें जहर उगलने का काम किया है।
भाटी ने कहा था- पोलिंग के दौरान साजिश हुई
बता दें कि बाड़मेर सीट पर लोकसभा चुनाव (Hanuman Beniwal) में ऐतिहासिक वोटिंग हुई। इस दौरान संसदीय क्षेत्र में मारपीट, धरने सहित अनेक छोटी-बड़ी घटनाएं हुई। इस दौरान पोलिंग के अगले दिन निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी ने बालोतरा में चार घंटे तक धरना दिया और दूसरे दौर की वार्ता में सहमति बनने के बाद धरना खत्म किया। भाटी ने कहा- मैंने पुलिस को बूथ नंबर और लोकेशन के साथ सभी चीजें उपलब्ध कराईं, मगर वहां तीन -तीन घंटे तक कोई जाब्ता नहीं पहुंचा। कई अप्रिय घटनाएं हुईं। कई प्रवासी वोटर बाहर से आ रहे थे, उनकी गाड़ियों को रुकवाकर वोट डालने से रोका गया। बालोतरा जिले में बायतु विधानसभा आता है। बायतु में सबसे ज्यादा संवेदनशील बूथ हैं।
'100 से ज्यादा बूथों पर फर्जी पोलिंग हुई'
उन्होंने कहा- मैंने बायतु के जिन बूथ की प्रशासन को लिस्ट दी थी, वहां फोर्स लगाने की बजाए शिव और जैसलमेर में फोर्स लगा दी और वहां पोलिंग कम कराने का प्रयास किया। 100 से ज्यादा बूथों पर फर्जी पोलिंग हुई। बूथ कैप्चरिंग के प्रयास हुए। इस दौरान भाटी ने कहा कि पोलिंग के दौरान प्रशासन की मिलीभगत रही और उनके खिलाफ साजिश और षड़यंत्र किया गया।
वोटिंग के दिन बायतु विधायक भी बैठे थे धरने पर
वोटिंग के दिन शुक्रवार को बायतु विधायक ने एजेंट के साथ मारपीट का आरोप लगाया था। इसके बाद वे पहले थुंबली और फिर कलेक्टर के रूम में धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस पर निष्पक्ष चुनाव नहीं करवाने का आरोप लगाए। उधर, बायतु में मारपीट की घटनाएं हुई। बालोतरा जिले की पुलिस ने 21-22 लोगों को डिटेन किया। इधर धरना खत्म होने के बाद भाटी ने कहा कि प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि वे चार दिन के भीतर सभी आरोपियों को पकड़े और निर्दोष लोगों को छोड़े, वरना रविंद्र की ओर से फिर से प्रदर्शन किया जाएगा और सारा हिसाब सूद समेत लिया जाएगा।