Jaipur: राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ट्रैफिक अवेयरनेस (Rajasthan News) को लेकर सोशल मीडिया की दूनिया में खूब धमाल मचा रहें हैं। दरअसल, प्रवीण कुमार लोगों को रोकते हैं और ट्रैफिक रूल्स के प्रति लोगों को जागरूक करते हैं, साथ ही हंसते और हंसाते हैं। इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार कवि भी हैं तो मस्त उप नाम है। उन्होंने यूट्यूब पर अपना चैनल भी बना रखा है, जिसका नाम है पीके मस्त। यह नाम सुनते ही एक बार लगता है कि कोई है जो पीकर मस्त हो गया, लेकिन इंटरनेट की दुनिया में फेमस यह पीके मस्त पिछले 2 साल से लोगों को कुछ अलग तरीके से ट्रैफिक रूल्स के प्रति जागरूक करते हैं।
ट्रैफिक अवेयरनेस को ही बना लिया हास्य मंच
आपको बता दें कि मस्त पहले मंच पर हास्य कविताएं सुनाया करते थे। अब ट्रैफिक अवेयरनेस को ही मंच बना लिया...रियल टाइम जोक, कविता, चुटकुला, ट्रैफिक अवेयरनेस सब चल रही है। राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ट्रैफिक अवेयरनेस को लेकर अपने अलग तरीकों के लिए इंटरनेट की दुनिया में छाए हुए हैं। प्रवीण कुमार लोगों को रोकते हैं और ट्रैफिक रूल्स के प्रति लोगों को जागरूक करते हैं, साथ ही हंसते और हंसाते हैं।
इंस्पेक्टर ने बना रखा है यूट्यूब चैनल
इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार कवि भी हैं तो मस्त उप नाम है। उन्होंने यूट्यूब (Rajasthan News) पर अपना चैनल भी बना रखा है, जिसका नाम है पीके मस्त। यह नाम सुनते ही एक बार लगता है कि कोई है जो पीकर मस्त हो गया, लेकिन इंटरनेट की दुनिया में फेमस यह पीके मस्त पिछले 2 साल से लोगों को कुछ अलग तरीके से ट्रैफिक रूल्स के प्रति जागरूक करते हैं। मस्त पहले मंच पर हास्य कविताएं सुनाया करते थे। अब ट्रैफिक अवेयरनेस को ही मंच बना लिया...रियल टाइम जोक, कविता, चुटकुला, ट्रैफिक अवेयरनेस सब चल रही है।
पीके मस्त नाम से लिखते है कविताएं
इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि मैं पीके मस्त नाम (Rajasthan News) से कविताएं करता हूं। इसके अलावा मैं लाफ्टर मोटिवेटर हूं ट्रैफिक अवेयरनेस का और नोडल ऑफिसर हूं राजस्थान पुलिस में। पूरे राजस्थान में हमने ये मुहिम चलाई हुई है जो देश और विदेश सब जगह जा रही है। इस तरह से ट्रैफिक अवेयरनेस के आइडिया के सवाल पर प्रवीण कुमार ने बताया कि मेरे मामाजी के लड़के की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। उसने आईएएस का इंटरव्यू दिया था। रिजल्ट आया तो उसका सिलेक्शन हो गया था। इसके बाद मैंने लोगों में ट्रैफिक अवेयरनेस लाने की मुहिम शुरू की। 2-3 साल से मैं इस तरह लोगों को ट्रैफिक के प्रति जागरूक कर रहा हूं। मैंने वीडियो के साथ ही स्कूल-कॉलेज, होटल, अस्पताल, सब्जी मंडी, अनाज मंडी, जहां भी भीड़ नजर आती है, वहां लोगों को ट्रैफिक के प्रति जागरूक करते हैं।