युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंद का अलवर के लोगों से गहरा नाता रहा है। वे करीब 133 साल पहले अपने प्रथम प्रवास पर फरवरी 1891 में अलवर आए थे। इस दौरान वे सरकारी अस्पताल के तत्कालीन प्रमुख डॉ. गुरुचरण लश्कर के आवास में ठहरे। यहां आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय संचालित है।
कंपनी बाग में श्रद्धालुओं को बताया था धर्म का सार