Jaipur: चूरू में पीएम नरेंद्र मोदी की जनसभा के दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ (Rajendra Rathore) कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी (राहुल कस्वां) पर जमकर बरसे। राठौड़ ने कहा कि यह चुनाव जवाब देने वाला चुनाव होगा। राजेन्द्र राठौड़ ने कहा- कल तक मैं काका था, आज कंस हो गया। कल तक मैं उनके लिए लक्ष्मण था, आज मैं दुर्योधन हो गया। भाइयों सावधानी बरतनी है। हमें वोट देना है। मोदी जी का मैजिक है, डबल इंजन की सरकार है। उन्होंने कहा- हित वचन तूने नहीं माना, मैत्री का मूल्य नहीं पहचाना। तो ले मैं भी अब आ जाता हूं, अंतिम संकल्प सुनाता हूं। याचना नहीं अब रण होगा, जीवन जय या मरण होगा। यह चुनाव देवेन्द्र झाझड़िया का चुनाव, शुभकरण का चुनाव जवाब देने वाला होगा।
क्या बोले देवेंद्र झाझड़िया?
भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र झाझड़िया ने कहा- दो साल पहले जब मैं मोदी जी से मिला था। तब मोदीजी ने कहा था कि देवेंद्र आपको अहम जिम्मेदारी देंगे। मैं तो खिलाड़ी आदमी हूं। उस दिन मैं उनकी बात समझ नहीं पाया था, लेकिन आज मेरे समझ में आया है। मैं तो किसान परिवार से हूं, आज मैं यहां बैठा हूं, मेरी मां खेत में फसल काट रही है।
राठौड़ और कस्वां के बीच कब शुरू हुआ बयानों का सिलसिला?
तारानगर विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेन्द्र राठौड़ की हार के बाद राठौड़ और कस्वां के बीच बयानों का सिलसिला शुरू हुआ। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद तारानगर में राठौड़ की सभा हुई। जिसमें राठौड़ समर्थक ने कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी राहुल कस्वां के खिलाफ बयान दिया था। सभा में राजेन्द्र राठौड़ ने भी तारानगर विधानसभा चुनाव में अपनी हार का मुख्य कारण जयचंदों को बताया था। उन्होंने बिना नाम लिए कस्वां और उनके समर्थकों को जयचंद बताया।
टिकट कटने पर बताया सामंतवादी
भाजपा से टिकट कटने के बाद राहुल कस्वां ने राठौड़ (Rajendra Rathore) पर एक व्यक्ति विशेष के इशारे पर टिकट काटने का आरोप लगाया था। कस्वां ने राठौड़ पर सामंतवादी होने का आरोप लगाया था। कस्वां ने पीएम और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को एक्स पर लिखा कि उसने दस सालों में क्या नहीं किया। उसकी क्या गलती थी। उसको केवल इतना बता दें। कस्वां ने कहा कि उसने चूरू जिले में केन्द्र सरकार की हर योजना का लाभ लोगों को दिलाया है। हर योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया है। इसके बाद भी टिकट काटना कहां का इंसाफ है।
इनकी सोच ही ऐसी रही
दादा बाड़ी में 23 मार्च को कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में कस्वां ने कहा कि वक्त बदल गया है। अब कुछ लोग इतने बड़े हो गए हैं कि उनके बारे में जितना कहा जाए उतना कम है। आप लोग समझ गए होंगे कि मैं काका की बात कर रहा हूं। कस्वां ने कहा कि उनकी शुरुआत से ही यह कोशिश रही, मैं और मेरे पांच गेला के अलावा धरती पर कोई नहीं टिके। हम चाहें उसको उठाएं और हम चाहें उसको गिराएं, जिसको चाहें बनाएं और जिसको चाहें मिटाएं। ऐसे कितने ही बड़े-बड़े नेताओं को राजनीतिक जीवन खत्म करने का काम इन्होंने किया है। इनकी सोच ही ऐसी रही है। मेरे पिताजी के साथ भी साल 2014 में यही हुआ। यह एक गुट है, जिनके बारे में चूरू लोकसभा का बच्चा-बच्चा जानना चाहता है। अब काको आकर बतासी लोगां न कि मेरो दुख के है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र की इस खूबसूरती को मिटाने के लिए गलत लोग सही जगह जाकर बैठ गए हैं।