Jaipur: राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार थर्ड पार्टियां निर्दलीयों (Rajasthan Election Report) से ज्यादा सीटें भी नहीं ला पाई। साल 2018 में 13 निर्दलीयों के मुकाबले अन्य पार्टियों के 14 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। वहीं इस बार 8 निर्दलीयों के मुकाबले तीसरी पार्टी से जुड़े महज 7 उम्मीदवार जीते। सबसे चौंकाने वाली थर्ड पार्टी इस बार भारत आदिवासी पार्टी (बाप) बनकर उभरी। चुनाव से महज तीन महीने पहले बनी पार्टी ने सबसे ज्यादा तीन सीटों पर जीत हासिल की। पार्टी के अध्यक्ष ने 70 हजार वोटों से जीत दर्ज की। वहीं आरएलपी की हार ने सबको चौंका दिया।
खाता ही नहीं खोल पाई 'आप'
हनुमान बेनीवाल खुद आखिरी राउंड में महज 2 हजार वोटों से जीत दर्ज कर पाए। पार्टी के 80 प्रत्याशी चुनाव में हार गए। वहीं पिछली बार की तरह आम आदमी पार्टी (आप) खाता तक नहीं खोल पाई। आप को नोटा से भी कम वोट मिले। इधर 155 सीटों पर प्रत्याशी उतारने वाली बसपा महज दो सीटों पर जीत दर्ज कर पाई।
1. आरएलपी : पिछले चुनाव में था ये हाल
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) की स्थापना हनुमान बेनीवाल (Rajasthan Election Report) ने 29 अक्टूबर 2018 को थी। किसान के बेटे को मुख्यमंत्री बनाने के उद्देश्य से बनाई पार्टी ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 57 प्रत्याशी उतारेथे। तीन प्रत्याशी जीते थे। पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल खींवसर से, इंदिरा बावरी मेड़ता सिटी से, भोपालगढ़ से पुखराज गर्ग विधायक बने थे। इसके बाद पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन करके अगले ही साल लोकसभा चुनाव में नागौर सीट से चुनाव लड़ा और बेनीवाल सांसद बन गए। उपचुनाव में उनके छोटे भाई नारायण बेनीवाल विधायक बन गए थे। पार्टी ने पंचायत चुनाव में भी टिकट देकर प्रत्याशियों को चुनाव लड़वाया था। इनमें एक पालिकाध्यक्ष, पांच प्रधान और कई पंचायत समिति सदस्य और सरपंच चुनाव जीते थे।
आरएलपी ने एएसपी से गठबंधन करके 81 प्रत्याशी उतारे
राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार गेमचेंजर बनने के लिए आरएलपी ने 81 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। मेड़ता के डांगावास कांड के बाद एसटी,एससी वर्ग दोनों ही प्रमुख पार्टियों से नाराज था। एसटी,एससी वोट बैंक को साधने के लिए बेनीवाल ने भीम सेना के चंद्रशेखर आजाद की पार्टी 'आजाद समाज पार्टी' (ASP)से गठबंधन भी किया था। गठबंधन में दोनों पार्टी ने एक-दूसरे के लिए सीटें छोड़ी हैं। मतलब जहां आरएलपी प्रत्याशी है, वहां एएसपी उम्मीदवार नहीं और जहां एएसपी ने उतारे हैं, वहां आरएलपी ने नहीं उतारे। एसटी, एससी वोट बैंक को साधने के लिए बेनीवाल ने भीम सेना के चंद्रशेखर आजाद की पार्टी 'आजाद समाज पार्टी' (ASP) से गठबंधन किया था।
खुद बेहद कम अंतर से जीत पाए बेनीवाल
खींवसर विधानसभा सीट पर बेनीवाल महज 2 हजार 59 वोटों से जीत हासिल कर सके। बेनीवाल को 79 हजार 492 वोट मिले। भाजपा के रेवंतराम डांगा को 77 हजार 433 वोट मिले। कांग्रेस के तेजपाल मिर्धा को 27 हजार 763 वोट मिले। चुनाव में सिर्फ हनुमान बेनीवाल और उम्मेदाराम बेनीवाल ने कड़ी टक्कर दी। बाकी सभी प्रत्याशी तीसरे पायदान पर रहे।
एएसपी से गठबंधन के बाद भी एसटी,एससी वोट नहीं मिले
आरएलपी को चंद्रशेखर आजाद की एएसपी पार्टी से गठबंधन का कोई फायदा नहीं हुआ। गठबंधन के बावजूद उन्हें एसटी,एससी वोट नहीं मिल पाए। रिजर्व सीट मेड़ता से जहां पिछली बार आरएलपी की इंद्रा बावरी ने जीत दर्ज की थी। उसी सीट पर इस बार वो तीसरे नंबर पर रही।
2. भारत आदिवासी पार्टी : 3 सीटें जीतकर सबसे आगे
तीन महीने पहले बनी बाप चुनावों में सबसे बड़ी थर्ड पार्टी (Rajasthan Election Report) बनकर उभरी। बाप ने सबसे ज्यादा तीन सीटें जीतकर आप, आरएलपी और बसपा को पीछे छोड़ दिया। भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) में विभाजन के बाद वर्ष 2023 में चुनाव से महज तीन महीने पहले (बाप का गठन किया गया। पार्टी की स्थापना आदिवासी नेता और राजस्थान के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजकुमार रोत और सागवाड़ा विधायक रामप्रसाद डिंडोर ने की थी।
25 सीटों पर प्रत्याशी उतारे, तीन सीटों पर जीते
राजस्थान में 13 प्रतिशत वोट बैंक आदिवासी है। उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा आदिवासी बहुल क्षेत्र है। यहां बाप और बीटीपी दोनों पार्टियों ने 27 प्रत्याशी चुनाव में उतारे थे। इस बार बाप पार्टी ने चौरासी, आसपुर, धरियावद सीट से जीत दर्ज की है। बाप पार्टी के अध्यक्ष राजकुमार रोत ने सबसे बड़ी 70 हजार वोटों से जीत दर्ज की। रोत को 1 लाख 11 हजार 150 वोट मिले हैं। राजकुमार ने भाजपा के सुशील कटारा को 69 हजार 166 वोटों से हराया है। सुशील को 41 हजार 984 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के ताराचंद भगोरा को 28 हजार 120 वोट हो प्राप्त हुए। वहीं डूंगरपुर में पार्टी के प्रत्याशी कांतिलाल रोत और सागवाड़ा से मोहनलाल रोत ने कड़ी टक्कर दी। दोनों प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे।
3. धरियावद : बीएपी के थवरचंद ने हासिल की जीत
धरियावद विधानसभा सीट पर बीएपी के थवर चंद ने 6 हजार 691 वोटों से जीत हासिल की है। थवर चंद को 83 हजार 655 वोट मिले। बीजेपी के कन्हैयालाल को 76 हजार 964 और कांग्रेस के नागराज को 46 हजार 449 वोट मिले।
4. आसपुर: 28 हजार वोटों से जीते बीएपी के उमेश
आसपुर विधानसभा पर बीएपी के उमेश मीणा ने 28 हजार 940 वोटों से जीत हासिल की। उमेश को 93 हजार 742 वोट मिले। भाजपा के गोपीचंद मीणा को इस बार हार मिली है। गोपीचंद को 64 हजार 802 वोट मिले हैं। कांग्रेस के राकेश 31 हजार 630 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
बसपा ने 155 प्रत्याशी उतारे, जीते महज 2
बसपा के पिछले विधानसभा चुनाव में 6 उम्मीदवार जीते थे। इस बार पार्टी ने 155 प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन इस बार पार्टी महज दो सीट पर जीत दर्ज कर सकी। दो सीटों के अलावा बसपा के प्रत्याशी किसी भी सीट पर दूसरे पायदान पर भी नहीं आ सके।
5. सादुलपुर: ढाई हजार वोट से जीते बसपा के मनोज
सादुलपुर सीट पर बसपा के मनोज कुमार ने 2 हजार 574 वोटों से जीत हासिल की है। मनोज कुमार 64 हजार 368 वोट मिले। कांग्रेस की कृष्णा पूनिया को 61 हजार 794 और भाजपा की सुमित्रा पूनिया को 59 हजार 429 वोट मिले।
6. बाड़ी : 27 हजार वोट से जीते जसवंत
बाड़ी विधानसभा सीट पर बसपा के जसवंत सिंह गुर्जर ने 27 हजार 424 वोटों से जीत हासिल की है। जसवंत सिंह गुर्जर को 1 लाख 6 हजार 60, बीजेपी के गिर्राज सिंह मलिंगा को 78 हजार 636 और कांग्रेस के प्रशांत सिंह परमार को 11 हजार 601 वोट मिले।
7.आम आदमी पार्टी : नोटा से कम वोट
आप पिछले दो चुनाव में राजस्थान में खाता भी नहीं खोल पाई है। इस बार विधानसभा चुनाव में आप ने 88 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। कई प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। आप को नोटा से भी कम वोट मिले। आप को राजस्थान में 0.38 प्रतिशत वोट मिले, जबकि नोटा को 0.96 प्रतिशत वोट मिले।
आरएलडी ने सिर्फ एक सीट पर चुनाव लड़ा और जीत गई
राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) ने राजस्थान में इस बार सिर्फ (Rajasthan Election Report) एक सीट भरतपुर से चुनाव लड़ा था। गठबंधन में कांग्रेस ने यह सीट आरएलडी के लिए छोड़ते हुए यहां अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। भरतपुर विधानसभा सीट पर आरएलडी के सुभाष गर्ग ने 5 हजार 387 वोटों से जीत हासिल की है। गर्ग को 81 हजार 878, भाजपा के विजय बंसल को 76 हजार 491 व बसपा के गिरीश चौधरी को 25 हजार 231 वोट मिले।