Jaipur: राजस्थान की भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार (Rajasthan News) ने पिछली अशोक गहलोत सरकार द्वारा शुरू की गई 'मुफ्त स्मार्टफोन योजना' को फिलहाल के लिए रोक दिया है। 'मुख्यमंत्री डिजिटल सेवा योजना' के तहत 1 करोड़ 33 लाख महिलाओं के लिए शुरू की गई बहुप्रचारित 'मुफ्त स्मार्टफोन योजना' को यह कहते हुए रोक दिया गया है कि पहले इसकी जांच की जाएगी। गहलोत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा 2022 में की गई थी और वितरण अगस्त 2023 में शुरू हुआ था।
क्या बोले राज्यवर्धन सिंह राठौड़?
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक, विधानसभा में बामनवास विधायक इंद्रा मीणा के सवाल 'मुफ्त स्मार्टफोन योजना के तहत कितने फोन बांटे गए? क्या सरकार इस योजना को जारी रखने को तैयार है?' का जवाब देते हुए वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि 9 अक्टूबर 2023 तक 24,56,001 महिलाओं को फोन के साथ इंटरनेट डेटा दिया गया था। वहीं असेंबली वेबसाइट पर एक प्रतिक्रिया में कहा गया है कि आगे इस योजना पर फैसला योजना से महिलाओं को होने वाले लाभ और जनहित की जांच के बाद लिया जाएगा।
क्या थी योजना?
इस योजना का लक्ष्य 1.33 करोड़ महिलाओं को स्मार्टफोन (Rajasthan News) 0उपलब्ध कराना था, लेकिन 2023-24 के बजट में इसे संशोधित किया गया। पहले चरण में 1,600 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ चयनित लड़कियों और महिलाओं को 40 लाख स्मार्टफोन दिए जाने थे। इसके बाद विधानसभा चुनाव से पहले लगे आचार संहिता के कारण स्मार्टफोन वितरण का काम रोक दिया गया था और 9 अक्टूबर 2023 तक केवल 24.56 लाख स्मार्टफोन दिए जा सके। बता दें अशोक गहलोत सरकार ने सभी 1 करोड़ 33 लाख चिरंजीवी परिवारों की महिलाओं को स्मार्टफोन देने की गारंटी दी थी।
विधायक इंद्रा मीणा ने किया ये सवाल
विधायक इंद्रा मीणा ने मंत्री के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि सबके बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं, क्या गरीब की लड़की ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर सकती है? इसमें आप क्या जांच करेंगे। सरकार यह साफ बताए कि बची हुई महिलाओं को स्मार्ट फोन देंगे या नहीं? इस सवाल पर राज्यवर्धन ने कहा कि जहां तक शेष महिलाओं को स्मार्टफोन बांटने का सवाल है तो डिजिटाइजेशन के लिए हमारी सरकार और केंद्र की अनेकों योजनाएं हैं। पूरा भारत डिजिटाइज किया गया है। हर गांव-गांव तक ऑप्टिक फाइबर गया है। हम हर घर तक डिजिटल शिक्षा पहुंचाने का काम कर रहे हैं।