Jaipur: राजस्थान के नए सीएम का ऐलान हो गया है। बीजेपी ने (Rajasthan News) नए चेहरे भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना है। दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा राज्य के दो नए उपमुख्यमंत्री होंगे मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिरी यह दीया कुमारी कौन हैं, जिन्हें राज्य में इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। आइये हम आपको उसके बारे में बताते हैं। दीया कुमारी का संबंध राजस्थान के एक राज परिवार से है। उनके दादा मान सिंह-2 जयपुर के अंतिम महाराजा थे। आजादी के बाद इस सामाज्य का विलय भारत में हो गया था।
जयपुर की विद्दाधर नगर सीट से लड़ी विधायक का चुनाव
दीया कुमारी जयपुर की विद्याधर नगर सीट से भारतीय जनता पार्टी की विजयी उम्मीदवार हैं। वो दिवंगत महाराजा सवाई भवानी सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की बेटी हैं। वो मान सिंह द्वितीय और महारानी गायत्री देवी की पोती हैं। मुगल सम्राट अकबर के नवरत्नों में जयपुर के महाराजा मान सिंह भी शामिल थे। इसे पहले आमेर और बाद में जयपुर के नाम से जाना गया।
कौन हैं दीया कुमारी?
52 वर्षीय दीया कुमारी, जयपुर के आखिरी महाराजा मानसिंह द्वितीय (Man Singh II) की पोती हैं और खुद राजकुमारी हैं। दीया कुमारी के बेटे पद्मनाभ सिंह (Padmanabh Singh) अभी जयपुर के महाराजा हैं।
शादी पर मचा था हंगामा
लंदन से फाइन आर्ट्स व डेकोरेटिव पेंटिंग में डिप्लोमा हासिल (Rajasthan News) करने वालीं दीया कुमारी की निजी जिंदगी पूरी फिल्मी है। साल 1997 में जब उन्होंने नरेंद्र सिंह नाम के शख़्स से शादी का फैसला किया तो खासा हंगामा मचा। वजह- नरेंद्र सिंह किसी राज परिवार या रसूख वाले खानदान से ताल्लुक नहीं रखते थे। दीया के परिवार वाले इस शादी के खिलाफ थे। ऐसे में उन्होंने दिल्ली की एक कोर्ट में गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। हालांकि साल 2019 में दीया कुमारी और नरेंद्र सिंह तलाक लेकर अलग हो गए।
2013 में ज्वाइन की थी BJP
साल 2013 में जिस वक्त नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में आने की चर्चा चल रही थी, ठीक उसी वक्त दीया कुमारी ने बीजेपी ज्वाइन की थी। जयपुर में नरेंद्र मोदी और वसुंधरा राजे की मौजूदगी में वह बीजेपी में शामिल हुई थीं। BJP में आने के बाद वह सवाई माधोपुर सीट से चुनाव लड़ीं और जीतीं। इसके बाद साल 2019 में राजसमंद लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर दिल्ली पहुंचीं।
दीया कुमारी का राजनीतिक सफर
दीया कुमारी का राजनीतिक सफर बेहद ही शानदार रहा है। साल 2013 में वह भाजपा पार्टी में शामिल हुई थीं। उन्होंने 2013 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में सवाई माधोपुर से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और विधायक बनीं। इसके बाद वह 2019 में राजसमंद से लोकसभा के लिए संसद सदस्य के रूप में चुनी गईं। सांसद के अलावा वह अपना खुद का फाउंडेशन भी चलाती हैं। इसके साथ ही वह दो स्कूल और 3 होटल भी चलाती हैं।
होटल-ट्रस्ट की मालकिन, इतनी है संपत्ति
राजकुमारी दीया कुमारी 16 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति की मालकिन हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त उन्होंने जो हलफनामा दिया था, उसमें अपनी संपत्ति 16,59,84,623 बताई थी। दीया कुमारी जयगढ़ फोर्ट (Jaigarh Fort) और अंबर फोर्ट (Amber) की मालकिन हैं। दो स्कूल भी चलाती हैं। इसके अलावा महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय म्यूजियम ट्रस्ट और जयपुर पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट का संचालन भी करती हैं।
खुद को बताया भगवान राम का वंशज
ऐसे ही दीया कुमारी को कॉन्ट्रोवर्सी क्वीन नहीं कहा जाता है। यह करीब 2-3 साल पुरानी बात है। दीया कुमारी ने दावा किया था कि उनका परिवार भगवान राम का वंशज है। उन्होनें कहा कि उनके पिता कुश के 309वें वंशज थे। यही नहीं वह सुप्रीम कोर्ट में अपने परिवार के वंश का सबूत देने को भी तैयार थीं।