Jaipur: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के बाद कयास लगाये (Rajasthan CM Bhajanlal) जा रहे थे कि राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। 12 दिसम्बर 2023 को भारतीय जनता पार्टी के विधायक दलों के बैठक में भजन लाल शर्मा का नाम चुना गया। अब राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा होंगे। सांगानेर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। । 55 साल के भजन लाल शर्मा लो प्रोफाइल रहते हैं। वे पार्टी संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) दोनों के करीबी माने जाते हैं। इसी वजह से राजस्थान भाजपा में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही कयासबाजियों के सारे पैमाने फेल हो गए। अपने राजनितिक करियर में पहली बार विधायक बने हैं। बीजेपी के प्रदेश महासचिव हैं। लेकिन इन सब के पीछे भी उनके संघर्ष की एक अलग कहानी भी हैं, जो आज हम आपको बताने जा रहें हैं...
सामान्य परिवार से आते हैं भजनलाल शर्मा
भजनलाल शर्मा जन्म भरतपुर के अट्टारी गाँव में हुआ। ये सामान्य परिवार से नाता रखते है। भजन लाल शर्मा का जन्म राजस्थान के एक छोटे गांव अटारी भरतपुर जिले में 1967 में हुआ था। इनके पिता किशन स्वरूप सिंह एक सामान्य किसान है। भरतपुर से नाता रखने वाले 56 वर्षीय भजनलाल शर्मा ब्राह्मण समाज से हैं। इनका बचपन आर्थिक परिस्थितियों से कमजोर व्यतीत हुआ था, परन्तु उन्होंने अपनी शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने स्नातक की डिग्री प्राप्त की और फिर उन्होंने राजनीति में अपना करियर बनाने के लिए अग्रसर हुए। इनकी माता गोमती देवी ग्रहणी है और इनकी पत्नी गीता भी पंचायत समिति सदस्य रह चुकी हैं। बड़ा बेटा आशीष प्रतियोगी परीक्षा (RAS) की तैयारी कर रहा है, वहीं छोटा बेटा कुणाल डॉक्टर के पद पर कार्यरत है।
सीएम भजनलाल शर्मा की शिक्षा
इन्होने सीनियर क्लास 1986 ई . में नदबई के गगवाना हाईस्कूल (Rajasthan CM Bhajanlal) से उत्तीर्ण की। इसके बाद स्नातक 1989 ई . में एमएसजे कॉलेज भरतपुर से किया था। इन्होने अपनी शिक्षा में एम .ए तक की है। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर्स की डिग्री(M.A.) 1993 ई . में हासिल की।
एक समय पर दूध बेचा करते थे राजस्थान के नए सीएम
हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संघर्ष के दिनों में चाय बेचा करते थे। ऐसे ही राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी एक समय दूध बेचा करते थे। उनके करीबी बताते हैं कि भजनलाल साधारण परिवार से निकले हैं। कुछ समय दूध बेचने का कार्य भी किया। गांव से निकलने के बाद वे भरतपुर में रिश्तेदार रामेश्वर ठेकेदार के यहां कृष्णा नगर हाउसिंग बोर्ड स्थित आवास पर किराए पर रहते थे। जहां उन्होंने कुछ समय गो पालन किया था।भजनलाल ने चुनौतीपूर्ण हालात में ही पढ़ाई के साथ राजनीति के जरिए मुख्यमंत्री तक का सफर पूरा किया।
एक बार जेल भी जा चुके है सीएम भजनलाल
भजन लाल शर्मा को राजस्थान में सामान्य वर्ग के रूप में एक मजबूत चेहरे के तौर पर जाना जाता है। वे पिछले 35 साल से राजनीति में सक्रिय हैं। भजन लाल शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा अटारी गांव से हुई । इसके बाद माध्यमिक शिक्षा के लिए वे नदबई आ गए। इसी समय शर्मा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ गए। एबीवीपी के 1990 के कश्मीर मार्च में भजन लाल शर्मा का सक्रिय सहभाग रहा। उन्होंने 100 कार्यकर्ताओं के साथ उधमपुर तक मार्च कर गिरफ्तारी दी। 1992 में श्रीराम जन्मभूमी आंदोलन में जेल भी गए। इसके बाद 1991-92 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा की जिम्मेदारी मिली।
सरपंच से सीएम तक का सफर
भजनलाल का पैतृक गांव नदबई विधानसभा क्षेत्र (Rajasthan CM Bhajanlal) का अटारी है। उनका राजनीतिक सफर वर्ष 2000 में सरपंच पद से शुरू हुआ। तब वे 27 साल के थे। 2000 से 2005 तक वे अटारी के गांव के सरपंच रहे। इसी बीच वर्ष 2003 में नदबई विधानसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़ा, लेकिन हार हुई। इसके बाद 2010 से 2015 पंचायत समिति सदस्य रहे। नए मुख्यमंत्री भारतीय जनता युवा मोर्चा नदबई मंडल अध्यक्ष, जिला मंत्री भाजयुमो, तीन बार जिला अध्यक्ष भाजयुमो, जिला मंत्री भाजपा भरतपुर, 2009 से 2014 तक भरतपुर के जिला अध्यक्ष, 2014 से 2016 तक प्रदेश उपाध्यक्ष राजस्थान और 2016 से अब तक प्रदेश महामंत्री रहे।
जिलाध्यक्ष बने तब खरीदी थी पहली कार
भजनलाल शर्मा के करीबी बताते हैं कि उनका जीवन हमेशा सादगी भरा रहा। वे जब वर्ष 2009 में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष बने तो उस समय उन्होंने पहला चौपहिया वाहन खरीदा था। इससे पहले तक वे बाइक से ही सफर किया करते थे। क्योंकि उनका पूरा परिवार कृषि पर ही निर्भर था। कृषि भूमि भी इतनी ज्यादा नहीं थी कि इससे पूरे परिवार का आजीविका का चलाई जा सके।
वसुंधरा राजे ने भजन लाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा
भाजपा की मंगलवार सायं करीब चार बजे हुई विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से पहली बार विधायक बने शर्मा को विधायक दल का नेता चुना गया जबकि विधायक दीया कुमारी एवं प्रेम चंद बैरवा को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर फैसला हुआ। बैठक के बाद पर्यवेक्षक एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि विधायक दल के नेता के चयन के लिए आयोजित बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया। राजनाथ सिंह ने बताया कि इसी तरह विधायक दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा दो उपमुख्यमंत्री के नाम पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया जबकि पूर्व मंत्री एवं विधायक वासुदेव देवनानी विधानसभा अध्यक्ष होंगे।
भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा राजस्थान
राजनाथ सिंह ने कहा कि राजस्थान भाजपा विधायक दल (Rajasthan CM Bhajanlal) के सर्वसम्मत नेता निर्वाचित हुए हैं और उनके नेतृत्व में प्रदेश आगे बढ़ेगा। राजनाथ ने शर्मा को नेता चुने जाने पर बधाई दी। इसी तरह पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी एवं पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह सहित विधायकों ने भजनलाल शर्मा को बधाई दी। इसके बाद शर्मा राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने राजभवन पहुंचे। उनके साथ श्री राजनाथ सिंह, वसुंधरा राजे, दीया कुमारी एवं प्रेम चंद बैरवा आदि मौजूद थे।
कांग्रेस को इतने वोट से हराकर बने विधायक
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में इन्हें भाजपा प्रत्याशी के रूप में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से नामांकित किया गया था। इस चुनाव में इन्होने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48,081 वोटों के अंतर से हराया और विधायक पद पर चुने गए। वे पहली बार विधायक पद पर बड़ी जीत से चुने गए थे। भजन लाल शर्मा पहली बार विधायक बने हैं। वे 4 बार प्रदेश महामंत्री रहे हैं। RSS और ABVP से जुड़े रहे हैं।