Jaipur: प्रदेश में सोमवार को शुरू हुआ नए कानून हिट एंड रन (Rajasthan News) का विरोध मंगलवार को और तेज हो गया। निजी बसें नहीं चलने के कारण रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर इसका असर देखने को मिला। वहीं शहर में मिनी बसें, मैजिक, ऑटो रिक्शा, टैक्सी कार सहित अन्य यूनियन भी विरोध में आ गईं। मिनी बसें नहीं चलने की वजह से यात्रियों को परेशानी हुई। अब बुधवार को भी शहर में चलने वाली मिनी बसें, ऑटो रिक्शा, कार टैक्स और मैजिक यूनियन हड़ताल पर रहेंगी।
हड़ताल का असर
इस वजह से शहर में 1500 मिनी बसें, 2 हजार मैजिक और 20 हजार ऑटो रिक्शा और 10 हजार कार टैक्सी का संचालन नहीं होगा। हालांकि जेसीटीएसएल की 180 लो फ्लोर बसों का संचालन यथावत रहेगा, पर यात्रियों के हिसाब से कम पड़ेगी। हड़ताल की वजह से मंगलवार को डीजल-पेट्रोल की सप्लाई बाधित रही। इस वजह से करीब 100 पेट्रोल पंप ड्राइ हो गए। उधर, मंडी में केवल 100 ही ट्रक सब्जी लेकर पहुंचे, इससे थोक में बिकने वाला आलू दो रुपए महंगा हुआ और प्याज थोक में 10 रुपए किलो तक महंगी हो गई।
यूनियनों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
नए कानून के विरोध में शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट (Rajasthan News) का संचालन करने वाली यूनियनों की ओर से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सर्किल पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद कॉमर्शियल वाहन महासंघ अध्यक्ष दिलीप सिंह महरौली, बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के जयपुर संभाग के अध्यक्ष कैलाश शर्मा, ऑटो यूनियन और मैजिक यूनियन के पदाधिकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। वहीं रोडवेज की सीटू यूनियन के पदाधिकारियों की ओर से रोडवेज डिपो पर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मुहाना मंडी: 450 सब्जी और फलों के ट्रक आते थे, जो सिर्फ 100 ही आए
मुहाना मंडी में जहां आम दिनों में रोज 400 से 450 सब्जी और फलों के ट्रक आते थे, उनकी संख्या मंगलवार को सिर्फ 100 ही रह गई। इस पर व्यापारियों का कहना है कि उनके पास सब्जियों का स्टॉक खत्म हो रहा है। आलू और प्याज के भाव बढ़ रहे हैं। वहीं लहसुन के भाव अभी स्थिर है। मुहाना आलू आढ़तिया संघ अध्यक्ष शिवशंकर शर्मा ने बताया की मंडी में आलू व प्याज की सप्लाई एमपी, नासिक और झालावाड़ से होती है, लेकिन मंगलवार को सिर्फ झालावाड़ से प्याज का स्टॉक पहुंचा है। प्याज जो पहले थोक में 10 से 18 रुपए में मिल रहा था, जो अब 20 से 28 रुपए में बिका। उधर, आलू की कीमत जो 5 से 7 रुपए बनी हुई थी। वह मंगलवार को 7 से 9 रुपए पहुंच गई। हरी सब्जी में भावों में कोई उछाल नहीं आया है। इधर, हड़ताल के बीच रोडवेज के एमडी नथमल डिडेल ने मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न डिपो मैनेजर के साथ वीसी करते हुए उन्हें वैकल्पिक मार्ग से बस का संचालन करने के आदेश दिए।
पेट्रोल पंप दिखेगा ये असर
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि शहर में 468 पंप हैं। इसमें से मंगलवार को 22 प्रतिशत करीब 100 पंप ड्राई हो गए। मंगलवार को प्रत्येक पंप पर करीब 2 हजार लीटर पेट्रोल ज्यादा बिका। एक पंप पर अनुमानित पांच हजार लीटर की रोजाना की खपत होती है, जो मंगलवार को बढ़कर 8 हजार किलो लीटर हो गई। अगर बुधवार को सप्लाई नहीं मिलती है तो इनकी संख्या शाम तक 200 पहुंचने की संभावना है।
सिलेंडर को लेकर भी हो सकती है परेशानी
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फैडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष दीपक गहलोत ने बताया कि मंगलवार शाम तक सभी डिस्ट्रीब्यूटर का स्टॉक खत्म हो चुका था। अगर बुधवार को भी दिक्कत रही तो सप्लाई चैन टूट जाएगी। प्रदेश में 1400 डीलर्स हैं। एक डीलर के पास करीब 845 सिलेंडर (1200 किलो ग्राम) का स्टॉक रहता है। जयपुर में 70 डीलर हैं। जयपुर-अजमेर के गोदामों से मंगलवार रात को स्टॉक नहीं भरने से बुधवार को सप्लाई चैन टूट जाएगी। इधर, हड़ताल का असर स्टेशनों पर देखने को मिला। जयपुर स्टेशन पर एक तरफ जहां यात्रीभार शाम 80 हजार से बढ़कर करीब 92 हजार रहा। वहीं दूसरी तरफ जनरल टिकट भी 12 हजार से अधिक बिके।
पहले पुलिस कमिश्नर और फिर आरटीओ ने की ट्रांसपोर्टर के साथ बैठक
नए कानून को लेकर मंगलवार को पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ (Rajasthan News) की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। इसमें सभी व्यावसायिक वाहनों के यूनियन पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसमें ऑल राजस्थान बजरी ट्रक ऑपरेटर्स वेलफेयर सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन शर्म ने भाग लिया। इसमें पुलिस कमिश्नर ऑपरेटर्स को आश्वस्त किया है कि इस संबंध में सीएम को अवगत करा दिया जाएगा। इधर, ट्रांसपोर्टर, बस ऑपरेटर्स, टैक्सी, रिक्शा, मैजिक यूनियन के पदाधिकारियों के साथ आरटीओ अधिकारियों ने बैठक की। इसमें एआरटीओ मनीष शर्मा ने बताया बैठक में आए पदाधिकारियों को कानून के बारे में बताया। वहीं उन्हें बताया कि कानून कॉमर्शियल वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के लिए ही नहीं, प्राइवेट व्हीकल वाले ड्राइवरों पर ही लागू है। कानून लागू होने से सड़क हादसों में कमी होगी।