Kota: अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह (Ram Mandir Inauguration) को लेकर देश विदेश में तैयारी जोरशोर से हो रही हैं, ऐसे में जहां पहले 108 फुट की अगरबत्ती बड़ौदा से अयोध्या पहुंचा है। अब 1100 किलो का सवा 9 फुट का दीपक अयोध्या पहुंच रहा है। बड़ौदा से कोटा पहुंचने पर दीपक का पूजन किया गया। गोदावरी धाम बालाजी दरबार के संत शैलेन्द्र भार्गव ने पूजा अर्चना की। इस विशेष दीपक के साथ-साथ चलने वालों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
25 किलो की रूई की बाती डाली जाएगी
राम भक्त अरविंदभाई पटेल ने कहा कि "वडोदरा में बनी 108 फीट लंबी अगरबत्ती की खबर पढ़कर उन्हें एक विशाल दीपक बनाने का विचार आया था। इसके बाद मकरपुरा जीआईडीसी में 1100 किलोग्राम वजन का एक विशाल दीपक बनाया गया है।" इस दीपक में एक बार में 15 किलो की रुई की बाती डाली जाती है। और इसको जलाने के लिए पांच सौ किलो से अधिक घी का इस्तेमाल होता है।
'दीपक को 501 किलो घी से जलाया जाएगा'
अरविंद भाई पटेल ने बताया (Ram Mandir Inauguration) कि "इस दीपक की ऊंचाई 9.15 फुट और परिधि आठ फुट है। आधार की परिधि लगभग पांच फुट है। दीपक जलाने के लिए 15 किलो ऊन की बाती जलानी पड़ती है। जिसके लिए चार फुट का मसाला भी तैयार कर लिया गया।" इस दीपक की विशेषता बताते हुए अरविंदभाई पटेल ने कहा कि "इस दीपक में 501 किलो घी डालकर जलाया जाएगा। दीपक की यात्रा आज 3:30 बजे रावतभाटा रोड से होते हुए निकाली गई और गोदावरी धाम पर दीपक आरती और पुष्पमाला के कर स्वागत किया गया।
'एक माह में बनाया गया दीपक'
रामलला प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अरविंद भाई पटेल ने बताया कि "बडोदरा एक संस्कारिक नगरी है। अयोध्या में 22 तारीख को रामलला राम मंदिर में विराजमान होंगे, यह अवसर 500 साल बाद आया है। वह दोबारा अपने घर पधार रहे हैं।" उन्होंने बताया कि राम मंदिर के लिए वडोदरा में जब एक अगरबत्ती 108 फुट की बनी, तो हमने दीपक बनाने का प्रयास किया।" अरविंद भाई पटेल के मुताबिक, "एक माह तक अथक प्रयास करने के बाद इसे बनाया गया है। इस दीपक में पांच बाती का प्रावधान है।"
'पूरे विश्व में जाएगी राम राज्य की बात'
दीपक के निर्माता अरविंद भाई पटेल ने कहा कि "जिस तरह से साल 2014 में राम राज्य की स्थापना हुई है, सबका साथ सबका विकास के भाव के साथ जब राम लला विराजमान होंगे तो यह दीपक पूरे देश में उजाला करेगा। भारत का सनातन धर्म व संस्कृति का प्रकाश, सर्वधर्म समभाव, वसुधैव कुटुंबकम की जो बात है वह पूरे विश्व में जाएगी।" उन्होंने कहा कि "इससे राम राज्य की बात पूरे विश्व में जाएगी और दरिद्र नारायण की सेवा हम सब कर सके ऐसी भावना होगी।"
दीपक इस रुट से पहुंचेगा अयोध्या
राम मंदिर के लिए बनाए गए इस विशेष दीपक (Ram Mandir Inauguration) के बारे में अरविंद भाई पटेल ने बताया कि "ये मेटल से बनाया गया है। इसमें पंच धातु का उपयोग किया गया है। विशेष कर अंदर के भाग में कॉपर और नीचे का जो भाग है, वह पीतल का है। अंदर जो घी रहेगा वह सुरक्षित रहेगा।" कोटा नगर में इस दीपक के पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। राम नाम के जयकारे गूंजते रहे। 7 जनवरी को बड़ौदा से यह दीपक रवाना हुआ है और उदयपुर होता हुआ, मंगलवार (9 जनवरी) कोटा पहुंचा है। मेहंदीपुर बालाजी होता हुआ यह दो दिन बाद अयोध्या पहुंचेगा।