55 एसआई और रडार पर
अब राजस्थान पुलिस अकादमी और पुलिस ट्रेनिंग सेंटर किशनगढ़ में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं में से और 55 एसआई एसओजी के रडार पर आए हैं। एसओजी का मानना है कि ये सभी लीक हुए पेपर के आधार पर, डमी अभ्यर्थी बैठाकर या परीक्षा सेंटर पर धांधली कर पास हुए हैं। क्योंकि इनमें सामान्य ज्ञान तक नहीं है। परेड के दौरान दाएं-बाएं भी नहीं समझते। पास के अभ्यर्थी को देखकर दाएं-बाएं घूमते हैं।एसओजी के तर्क व सवाल: परीक्षा 3 दिन चलना ही संदेहास्पद, पेपर पाकर अभ्यर्थी परीक्षा देते रहे
-एसओजी ने उसी पेपर से 705 ट्रेनी एसआई की वापस परीक्षा ली तो 55% एसआई सही जवाब नहीं दे सके। हालांकि इनकी ओएमआर शीट की जांच अभी जारी है।
-लीक होने के बाद पेपर जिन अभ्यर्थियों के पास पहुंचा, उनमें से अधिकतर लिखित परीक्षा में पास हुए। कुछ दक्षता में फेल हो गए।
-पेपर लीक के आरोपी जगदीश विश्नोई, राजेन्द्र यादव, शिवरतन मोट, हर्षवर्धन मीणा, राजेन्द्र उर्फ राजू व पकड़े गए प्रशिक्षु एसआई ने अन्य लोगों को भी पेपर देने की बात कबूली थी।
-करीब 6.60 लाख अभ्यर्थियों वाली आरएएस-प्री परीक्षा (Paper Leak Case) तो एक ही पारी में संपन्न हो गई, जबकि 7.86 लाख अभ्यर्थियों वाली एसआई भर्ती परीक्षा 3 दिन में कराई गई। ऐसे में लीक पेपर का फायदा 3 दिन में ज्यादा अभ्यर्थियों ने उठाया।