Jaipur: 16वीं विधानसभा का पहला सत्र आज (Rajasthan Assembly Session) से शुरू हो गया है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने अचानक सत्र बुलाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह भजन मंडली नहीं है। वहीं संसद में विपक्षी सांसदों के निलंबन पर विरोध जताने के लिए पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट सहित सभी कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे।
डोटासरा ने सांसदों के निलंबन का किया विरोध
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शपथ लेने वाली डायस से ही सांसदों के निलंबन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मैं और मेरी पार्टी देश में प्रजातंत्र की हत्या का विरोध करते हैं। इस पर प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सराफ ने खड़े होकर कहा कि इसकी अनुमति नहीं है। इसके बाद इसे सदन की कार्यवाही से निकाल दिया गया।
कल होगा विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव
विधानसभा के इस सत्र में दो दिन विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष के पद का चुनाव होगा। इसके लिए भाजपा की तरफ से वासुदेव देवनानी उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। करीब 3 घंटे सत्र चलने के बाद विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। आज सीएम सहित 192 विधायकों ने शपथ ली। 7 विधायकों की शपथ बाकी है, जिनमें 4 बीजेपी और 3 कांग्रेस विधायक हैं।
आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सबसे पहले विधायक की शपथ ली।
बीजेपी के 4 विधायक, जिनकी शपथ बाकी: तिजारा से बीजेपी विधायक महंत बालकनाथ, नदबई से बीजेपी विधायक जगत सिंह, बांदीकुई से विधायक भागचंद टाकड़ा, निंबाहेड़ा से विधायक श्रीचंद कृपलानी।
इन 3 कांग्रेस विधायकों की शपथ बाकी : बागीदौरा से कांग्रेस विधायक महेंद्रजीत मालवीय, दांतरमगढ़ के विधायक वीरेंद्र सिंह और रायसिंह नगर विधायक सोहनलाल नायक।
किरोड़ी ने कैमरामैन से कहा- मैडम के साथ फोटो लीजिए
विधानसभा में जब वसुंधरा राजे जब शपथ ले रहीं थीं, उस वक्त (Rajasthan Assembly Session) आसन पर प्रोटेम स्पीकर की जगह किरोड़ीलाल मीणा थे। शपथ लेने के बाद विधायक आसन पर मौजूद प्रोटेम स्पीकर का अभिवादन करते हैं। वसुंधरा राजे की शपथ के बाद वासुदेव देवनानी का नाम पुकारा गया। इसके बाद वसुंधरा राजे स्पीकर के आसन की तरफ आ रही थीं तो किरोड़ी लाल मीणा ने सदन में मौजूद फोटोग्राफर को इशारा करते हुए कहा- मैडम के साथ फोटो लीजिए।
राजस्थानी में शपथ लेने की अनुमति नहीं मिली
कई विधायकों ने राजस्थानी भाषा में शपथ लेने की कोशिश की, लेकिन नियमों का हवाला देकर प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सराफ ने इसकी अनुमति नहीं दी। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी को राजस्थानी में शपथ लेने पर सराफ ने टोका तो भाटी ने कहा कि नोटिस में डाला था, मेल किया था। विपक्षी विधायकों ने टोका तो उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा अपना गर्व है, आप ऐसे ही किसी को नहीं टोक सकते हो। इस पर सराफ ने नियमों का हवाला दिया, तब भाटी ने हिंदी में शपथ ली।
कांग्रेस विधायक ने की ये मांग
वहीं, सूरतगढ़ से कांग्रेस विधायक डूंगराराम गेदार ने राजस्थानी भाषा में शपथ लेने की मांग की, लेकिन प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सराफ ने इसकी अनुमति नहीं दी। सराफ ने कहा कि आठवी अनुसूची में शामिल नहीं होने के कारण आप राजस्थानी में शपथ नहीं ले सकते। शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने राजस्थानी और हिंदी दोनों में शपथ ली। आसन से किरोड़ीलाल मीणा ने आपत्ति की और राजस्थानी में ली गई शपथ को रिकॉर्ड से डिलीट करने के आदेश दिए।
सबसे पहले सीएम ने ली शपथ
सबसे पहले सीएम भजनलाल शर्मा और उसके बाद डिप्टी सीएम दीया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने शपथ ली। हिंडौन (करौली) से कांग्रेस विधायक अनिता जाटव शपथ लेते समय कई शब्द बोल नहीं पाई। वे बार-बार रुक गईं। 199 नए विधायकों को शपथ दिलाने के लिए दो दिन के लिए यह विशेष सत्र बुलाया गया है।
13 विधायकों ने संस्कृत में ली शपथ
इस बार अच्छी-खासी संख्या में विधायकों ने संस्कृत भाषा (Rajasthan Assembly Session) में शपथ ली है। गोपाल शर्मा, छगन सिंह, जोगेश्वर गर्ग, जोराराम कुमावत, नोक्षम चौधरी, जेठानंद व्यास, पब्बाराम विश्नोई, महंत प्रतापपुरी, बाबू सिंह राठौड़, दीप्ति माहेश्वरी, कैलाश मीणा ने संस्कृत में शपथ ली। ये सभी भाजपा विधायक हैं। वहीं कांग्रेस के विधायक जुबेर खान और निर्दलीय विधायक युनूस खान ने भी संस्कृत में शपथ ली है। निर्दलीय विधायक युनूस खान ने संस्कृत में शपथ ली। उन्होंने डीडवाना से भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ा था।