Jaipur: आजकल चोरी की घटना एक आम बात हैं लेकिन हाल ही में जयपुर में दो बैंक और एक ज्वेलरी शॉप में एक साथ डकैती की घटना ने सबको हैरान कर दिया है। दरअसल 10वीं फेल बदमाशों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए 350 फीट लंबी सुरंग खोद डाली। बदमाशों ने जो तकनीक अपनाई उसे जानकर पुलिस भी हैरान है। बदमाशों ने पहले आर्मी की तरह छह महीने पहले सुरंग का नक्शा तैयार किया, फिर खुदाई शुरू की। बैंक तक पहुंचने के लिए बदमाशों ने दुकान के 15 फीट नीचे बेसमेंट में जाकर सुरंग खोदी ताकि नीचे से किसी दुकान की नींव या कोई पाइपलाइन रुकावट नहीं बन जाए। खुदाई के दौरान डायरेक्शन चेक करने के लिए बदमाश सेना की तरह ही कंपास का इस्तेमाल करते थे। महज 15 फीट की खुदाई करनी बाकी बची थी। मंगलवार को लोडिंग टैक्सी का टायर धंसने से सुरंग का राज खुल गया। बदमाश 15 दिन में बैंक के अंदर पहुंचकर डकैती को अंजाम देने वाले थे। यूपी से जयपुर आए बदमाशों ने कैसे इतनी बड़ी साजिश रची, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी।
कई दिनों तक रेकी करने के बाद दिया घटना को अंजाम
दरअसल यूपी में रहने वाले चार बदमाशों ने करीब एक साल पहले सुरंग बनाकर बैंक में डकैती की पूरी प्लानिंग कर ली थी। कई महीनों तक बदमाश ऐसी जगह की तलाश करते रहे, जो सुनसान इलाके में हो और आस-पास एक से ज्यादा बैंक या ज्वेलरी की शॉप हो। जयपुर में रेकी करने के बाद बदमाशों ने विद्याधर नगर थाना क्षेत्र के अंबाबाड़ी में सब्जी मंडी वाली जगह को चुना। सब्जी मंडी के पास ही SBI बैंक, सेंट्रल बैंक और एक ज्वेलरी की शॉप पड़ती है। ये तीनों जगहें सब्जी मंडी से महज 400 फीट के दायरे में पड़ती हैं। दिन के समय तो यहां भीड़-भाड़ रहती है और रात यह जगह सुनसान रहती थी। बदमाशों के लिए यह सबसे सही जगह थी। दिन के समय सब्जी मंडी में भीड़-भाड़ के कारण काम करते समय आवाज नहीं आती और रात को यहां कोई आवासीय मकान नहीं होने के कारण पूरी जगह सुनसान रहती थी।
नक्शा बनाने वाला आरोपी 10वीं फेल
पुलिस ने बैंक में डकैती का प्रयास करने वाले यूपी के गाजियाबाद में बुलंदशहर रोड पर रहने वाले अमन खां को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बताया कि वे करीब 6 से 7 महीने पहले जयपुर आए थे। उन्होंने पहले रेकी करके अंबाबाड़ी सब्जी मंडी में स्थित बैंक में सुरंग से डकैती का प्लान बनाया। कोई शक नहीं करे इसके लिए उन्होंने बैंक से दूर जालूपुरा में दरबार स्कूल के पास रहने के लिए मकान 6 हजार रुपए प्रतिमाह रेंट पर लिया था। जहां चारों साथ में ही रहते थे। आपको बता दें कि आरोपी अमन खां 10वीं फेल है। उसके अन्य साथी भी उसी की तरह ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है। लेकिन चारों बदमाश इतने शातिर हैं कि मंदिर की सीढ़ियों में जिस तरह 60 डिग्री की स्लोप होती है, उसी तकनीक से सुरंग खोदने का नक्शा तक बना रखा था। शुरुआत में करीब 15 से 20 फीट गहराई से सुरंग बनानी थी।इसके लिए उन्होंने मंडी पीछे ऐसी दुकान किराए पर ली, जिसमें बेसमेंट हो ताकि जमीन से 15 से 20 गहराई से सुरंग बनाना शुरू कर सकें। फर्जी दस्तावेज से पशु आहार की दुकान खोलने का दिखावा कर 11 हजार रुपए प्रतिमाह के किराए पर दुकान ली। दुकान में 10 फीट नीचे बेसमेंट में जाकर सुरंग बनाना शुरू कर दिया।
ऐसे लगाते थे डायरेक्शन का पता
आरोपियों ने किराए की दुकान के बेसमेंट के नीचे सुरंग खोदने का काम करीब 6 महीने पहले शुरू किया। सुरंग खोदने की शुरुआत जहां से की वो जमीन से करीब 15 फीट गहराई पर थी। दुकान के आगे अन्य दुकानों में भी बेसमेंट होने के कारण आरोपियों ने शुरुआत में सुरंग की गहराई 15 फीट रखी। यह दुकानें तीन मंजिला थी, इसलिए सुरंग के लिए ज्यादा गहराई से खुदाई शुरू की। दुकानों के नीचे से सीढ़ीनुमा सुरंग बनाते गए। यानी जैसे-जैसे सुरंग आगे बढ़ रही थी उसकी गहराई 60 डिग्री के कोण से कम करते जा रहे थे। मंदिरों की सीढ़ियों में यही तकनीक इस्तेमाल होती है। सुरंग से बैंक की डायरेक्शन जानने के लिए कम्पास ऐप का इस्तेमाल करते थे। यही कारण है कि आरोपियों ने दुकान से एकदम सीधी दिशा में बैंक तक करीब 350 फीट लंबी सुरंग बना दी थी। दुकानदार अनिल कुमार सैनी ने बताया कि आरोपियों जो दुकान किराए पर ली थी, उसके आगे उसकी तीन मंजिला दुकान आ रखी है। उसकी दुकान के नीचे भी बेसमेंट है। बदमाश उसकी दुकान के बेसमेंट के नीचे से सुरंग खोदते हुए आगे ले गए थे।
हर दिन खोदते थे ढाई फीट सुरंग
आरोपी हर दिन सरिए, फावड़ा और ड्रिल मशीन से ढाई फीट तक सुरंग खोदते थे। सुरंग में जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए वैसे-वैसे सहारे के लिए बांस और लकड़ी के पाट लगाते गए ताकि अंदर से मिट्टी नहीं धंसे। रात में सुरंग खोदने के लिए बिजली के लंबे तार से लाइट का कनेक्शन भी कर रखा था। यह बिजली का तार दुकान से होकर सुरंग के अंदर जाता था। बिजली के तार से सुरंग में लाइट और ड्रिल करने के लिए काम में लेते थे।
350 फीट लम्बी सुरंग खोद डाली
आरोपी सुरंग से निकलने वाली मिट्टी बोरियों में भरते थे। करीब 350 फीट लम्बी सुरंग में आरोपियों ने 300 से ज्यादा मिट्टी की बोरियों भर ली थी। इनमें से कई बोरियों को रात के समय ई-रिक्शा से ले जाते थे और सुनसान जगह फेंक देते थे। आरोपी दुकान में सुबह 9 बजे ही आ जाते थे। इसके बाद शटर बाहर से बंद करके देर रात तक काम करते थे। सुरंग खोदने का काम बारी-बारी से किया जाता था। एक वक्त पर दो लोग काम करते और दूसरे दो आराम। आरोपियों ने सुरंग बनाते समय इतनी सतर्कता बरती कि पड़ोसी दुकानदारों को भी शक नहीं हुआ।
दुकान में मुंह छिपाकर जाते थे
आरोपियों के पड़ोस में चाय की दुकान चलाने वाले राजवीर ने बताया कि आरोपी हमेशा टोपी और मफलर से चेहरा ढक कर दुकान में आते थे। दुकान के बाहर काले कांच लगा रखे थे ताकि बाहर से लोगों को अंदर की गतिविधियों का पता नहीं लगे। दिखावे के लिए पशु आहार और लोन दिलाने की दुकान खोल रखी थी। कभी कोई ग्राहक नहीं आता था। बाहर बोर्ड देखकर जो ग्राहक आते थे तो जल्द से जल्द बात करके बाहर से ही रवाना कर देते थे।
ऐसे दिया लोगों को चकमा
सब्जी मंडी के दुकानदार पंकज कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह उसकी दुकान से सामान भरकर एक लोडिंग टैक्सी जा रही थी कि तभी अचानक टैक्सी का टायर एक गड्ढे में मिट्टी धंसने से फंस गया। पहले तो लगा कि यहां भी सीवरेज लाइन होगी। लेकिन लोडिंग टैक्सी को निकालने के लिए जब मिट्टी हटाई तो सुरंग दिखाई दी। सुरंग को देखकर उन्होंने पुलिस को फोन किया। पुलिस के जेडीए और नगर निगम में बात करने पर पता लगा कि यहां ऐसी कोई दूसरी लाइन नहीं है। इस पर पुलिस ने पूरी मिट्टी हटवाई तो सुरंग के अंदर फावड़ा, सरिए, बिजली का कनेक्शन देखकर चौंक गई। पुलिस ने सुरंग की पड़ताल की तो पता लगा कि यह तो 350 फीट लंबी है।
बदमाशों और बैंक के बीच महज एक दुकान का फासला रह गया था
बदमाश सुरंग खोदते हुए एसबीआई बैंक से महज 15 से 20 फीट दूरी तक पहुंच गए थे। अगर लोडिंग टैक्सी का टायर सुरंग में नहीं धंसता तो 15 दिन में बदमाश बैंक तक पहुंच जाते। बदमाशों ने बैंक के पास पहुंचने के बाद सुरंग का एक सिरा दूसरी बैंक और ज्वेलरी की शॉप की तरफ भी बना रखा था। मतलब सुरंग तीन दिशाओं में खोदने की प्लानिंग थी। लेकिन सामने दीवार होने और ज्वेलरी शॉप दूर होने के कारण वे पहले एसबीआई बैंक तक पहुंचना चाहते थे। इसलिए सुरंग के आखिरी छोर की खुदाई एसबीआई बैंक की पास बनी दुकान के नजदीक बनी हुई थी।
पुलिस ने आरोपियों को ऐसे पकड़ा
विद्याधरनगर थाना पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह हमें सूचना मिली कि सब्जी मंडी में एक लोडिंग टैक्सी का टायर फंसने पर बैंक के पास गहरा गड्ढा हो रखा है। जेसीबी से खुदाई पर सुरंग में कई औजार भी मिले तो हमें यकीन हो गया कि किसी ने बैंक में डकैती करने के लिए यह सुरंग बनाई है। सुरंग का पीछा करते हुए पुलिस बदमाशों की दुकान तक पहुंच गई। उधर आरोपी अमन खां उस समय दुकान खोलने आया ही था। अमन खां ने जब पुलिस और लोगों की भीड़ को सुंरग की पड़ताल करते हुए दुकान की तरफ आते देखा तो वह सिर पर टोपी और मुंह को मफलर से बांधकर वहां से रवाना हो गया। पास ही चाय की दुकान चलाने वाले राजवीर से पूछा तो पता लगा कि बदमाश अभी कुछ देर पहले ही दुकान के पास खड़ा था और पुलिस को देखकर वहां से निकल गया।
बदमाशों की दुकान के पास चाय का केबिन चलाने वाले राजवीर सिंह।
पुलिस ने डेढ़ किलोमीटर पीछा करके बदमाश को पकड़ा
पुलिस टीम ने बदमाश के दुकान से भागने के बाद उसका पीछा शुरू कर दिया। पुलिस की अलग-अलग टीम गलियों से होते हुए बदमाश की तलाश में जुट गई। करीब डेढ़ किलोमीटर पीछा करने के बाद बदमाश अमन खां को गिरफ्तार कर लिया। इतनी देर में अमन खां अपने अन्य तीन साथियों को पुलिस के पीछा करने की सूचना दे चुका था, जिसके बाद वो भी भाग निकले। विद्याधरनगर थाना पुलिस ने यूपी पुलिस से आरोपियों का क्राइम रिकॉर्ड मंगवाया है। पुलिस अब अन्य आरोपियों की राजस्थान और यूपी में तलाश कर रही है।
पुलिस ने दुकान से बरामद की ये सामग्री
पुलिस की टीम ने जिस दुकान में बदमाश रह रहे थे। वहां से डकैती के लिए प्लान किया गया नक्शा और खाद्य सामग्री की पर्चियां बरामद की है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने एक बदमाश को पकड़ भी लिया है। सुरंग के अंदर एलईडी बल्ब भी लगा हुआ है। किसी को शक न हो इसलिए लाइट जला दिया करते थे। जब इनसे पूछा जाता तो कहते थे कि यहां पर खाद का काम होता है। दुकान के मालिक सोहनलाल धोबी के बेटे राजेश ने बताया कि 6 माह पहले ही दुकान किराए पर दी थी। एक आरोपी ने मनोज के नाम से आईडी भी दी थी, जो फर्जी निकली है। कुल 11 हजार रुपए में दुकान किराए पर दी थी। डीसीपी नॉर्थ राशि डोगरा का कहना है कि समय रहते सुरंग का पता चल गया। नहीं तो बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे।