Jaipur: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Rajasthan Politics) ने तीन दिन पहले बांसवाड़ा दौरे पर आकर लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी महेंद्र मालवीया को कहा था कि मालवीया आदिवासी हैं। उन्हें कांग्रेस ने बड़ा बनाया है। डोटासरा के इस बयान पर पलटवार करते हुए मालवीया ने डोटासरा को चुनौती दी है कि अगर उन्हें इतना ही घमंड है, तो सीकर से लोकसभा चुनाव लड़ें और जीतकर दिखाएं।
'पार्टी से ऊपर उठकर जनता मेरे साथ है'
तलवाड़ा ग्राम पंचायत दौरे पर गए शनिवार को मालवीया ने कहा कि राहुल गांधी की बांसवाड़ा में न्याय यात्रा के सवाल पर कहा ये कुछ भी नहीं है। जब मानगढ़ में राहुल गांधी की सभा हुई थी, तब 3 लाख मानगढ़ धाम पर आए और डेढ़ लाख लोग नीचे रह गए। 10 किमी तक रास्ते जाम थे। ये कहीं ना कहीं मेरी खुद की मेहनत थी। अब मैं भाजपा में आ गया हूं, तो कल देखना कुशलबाग मैदान में कितने लोग आते हैं। मुझे टिकट मिला है, तो पार्टी से ऊपर उठकर जनता मेरे साथ है।
मेरे दम पर सभा में तीन लाख लोग आए
पिछले साल 9 अगस्त को विश्वआदिवासी दिवस के दिन राहुल गांधी की मानगढ धाम पर सभा हुई थी। तब मेरे दम पर 3 लाख लोग सभा में आए थे। अब कल रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की कुशलबाग में राहुल की न्याय यात्रा से ज्यादा भीड़ देखने को मिलेगी। कांग्रेस और बीएपी के गठबंधन पर कहा कि वो किसी से भी समझौता करें ये सीट तो भाजपा जीतेगी। भाजपा की नींव, नीतियां, मोदी की गारंटी, राम मंदिर की प्रतिष्ठा और मेरे जाने से कांग्रेस का काफी हिस्सा भाजपा में आएगा। इसलिए सीट तो भाजपा जीतेगी। कल सीएम की सभा पर कहा कि उनके आगमन पर सभी के मन में हर्ष का माहौल है। कल बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी, पंचायत राज के सरपंच, प्रमुख, प्रधान भाजपा जॉइन करेंगे।
वह अपनी मां की कोख से बड़ा होकर पैदा नहीं हुआ
डोटासरा ने गत बुधवार को मीडिया से बातचीत (Rajasthan Politics) के दौरान मालवीया पर निशाना साधा था। मालवीया के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने के सवाल पर डोटासरा ने कहा था कि- वह अपनी मां की कोख से बड़ा होकर पैदा नहीं हुआ, कोई राजा का बेटा नहीं था। वह एक आदिवासी था और कांग्रेस ने उसे बड़ा किया। उसे बड़ा वट वृक्ष बनाया और उनकी हैसियत सीडब्ल्यूसी सदस्य, सांसद, मंत्री तक बनी। हम यहां लोगों से भी मिल रहे हैं, जिन्होंने कहा कि कांग्रेस का नेता दल बदल सकता है, लेकिन यहां की जनता कांग्रेस के साथ है। वो भाजपा में किस लालच से गए, किस भय से गए, वो जानें, उनका काम जाने। भाजपा ने उन्हें टिकट दिया है, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा नेता नहीं था। लेकिन, यहां के कार्यकर्ता इतने मजबूत हैं कि उन्हें छठी का दूध याद दिला देंगे।
मालवीया ने डोटासरा को कहा था पागल
भाजपा की सदस्यता लेने के बाद पहली बार बांसवाड़ा आने के बाद मालवीया ने भी डोटासरा को पागल कहा था। गत 21 फरवरी को बांसवाड़ा भाजपा जिलाध्यक्ष के डोटासरा को लेकर पूछे सवाल पर कहा- वो तो 'पागल' हैं। अगर मैंने विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ कैंपेनिंग की होती तो कांग्रेस की 4 सीटें कैसे आ जातीं। मैं तो पीएम मोदी की लहर में भी जीता हूं। फिर कांग्रेसी कैसे नहीं जीत पाए? मालवीया ने जब डोटासरा पागल कहा था तब डोटासरा ने कहा था वो कुछ भी कह सकते हैं। मेरे को तो सैल्यूट मारते थे। पागल को कोई सैल्यूट क्यों मारेगा।