New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले को लेकर गहलोत सरकार पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने ही पेपर लीक किया है। 24 अप्रैल को पूर्व सीएम अशोक गहलोत के करीबी ने सार्वजनिक रूप से खुलासा किया, लेकिन अभी तक कांग्रेसियों के मुंह पर ताला लगा हुआ है। पीएम मोदी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के आगरा में जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राजस्थान में पेपर लीक और पूर्व सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा के खुलासे का जिक्र करते हुए युवाओं को कांग्रेस से सतर्क रहने की अपील की।
'कांग्रेस ने हमेशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद किया'
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद किया है। अभी इसका ताजा उदाहरण मिला है। आपने सुना होगा, आज अखबारों में भी पढ़ा होगा, ताजा प्रमाण मिला है। हमारे पड़ोस में, राजस्थान में, वहां कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस के अपने लोगों ने, मुख्यमंत्री के करीबी ने कल एक बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है और सार्वजनिक रूप से किया है, लेकिन अभी तक कांग्रेसियों के मुंह पर ताले लगे हुए हैं।
'पेपर लीक में गहलोत सरकार खुद शामिल थी'
वह कह रहे हैं कि पेपर लीक यानी नौजवानों के भविष्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़। वो कहते हैं कि राजस्थान में जो पेपर लीक हुआ। उस पेपर लीक में गहलोत सरकार खुद शामिल थी। यह कोई और नहीं कह रहा है, जो कांग्रेस के मुख्यमंत्री के कार्यालय में काम करने वाले सज्जन थे, वह कह रहे हैं। आप बताइए मेरे नौजवानों, इससे बड़ा पाप, इससे बड़ा धोखा, मेरे देश के युवाओं के साथ नहीं हो सकता है, यानी राजस्थान में अब कांग्रेस का ही पेपर लीक हो गया है। यही कांग्रेस की सच्चाई है, इसलिए देश के युवाओं को, हमारे फर्स्ट टाइम वोटर्स को कांग्रेस से बहुत सतर्क रहना है।
पूर्व सीएम के ओएसडी पर भी लगे थे आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा ने बुधवार को अशोक गहलोत पर फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि राजस्थान में साल 2020 में सियासी संकट के समय गहलोत सरकार ने विधायकों के फोन टैप करवाए थे। वहीं उन्होंने ही मुझे पेन ड्राइव में तीन ऑडियो क्लिप देकर मीडिया में जारी करने को कहा था। इसके अलावा लोकेश शर्मा ने कहा था कि कांग्रेस सरकार में पेपर लीक के बाद रीट लेवल 2 के पेपर को रद्द किया गया, लेकिन उसमें जितने लोग शामिल थे। उसको लेकर भी बातचीत की गई थी। जब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली का नाम सामने आया तो सभी अचरज में पड़ गए थे। क्या एक्शन लिया जाए। इन्हें बर्खास्त कैसे किया जाए। जो लोग इसमें शामिल थे, उनकी जानकारी होने के बावजूद उन्हें अपना आदमी कहा गया। ऐसे पूर्व मुख्यमंत्री के लिए क्या कहना चाहिए।