Jaipur: शनिवार को भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व जब लोकसभा चुनाव (Gajendra Singh Shekhawat) के टिकटों की घोषणा कर रहा था, उसी समय जैसलमेर के पोकरण में ग्रामीणों ने पानी की समस्या को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सामने नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। लोगों ने क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। इस दौरान मंत्री ने व्यवहार से नाखुश होकर कहा मैंने पानी की टंकी सेंक्शन करवा दी, पता नहीं आप लोग किस मिट्टी के बने हो, आप लोग धन्यवाद देने की जगह इस तरह एहसान फरामोशी कर रहे हो तो, मेरा भगवान ही मालिक है। इसके बाद वे वहां से रवाना हो गए।
युवाओं ने की नारेबाजी
दरअसल गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को पोकरण, रामदेवरा और भादरिया के दौरे पर रहे। उनके साथ पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी भी थे। शाम को 6.30 बजे वे झाबरा गांव पहुंचे। यहां लोग अपनी पानी की समस्या बता रहे थे, इसी दौरान कुछ युवाओं ने समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। उन्होंने क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया।
कांग्रेस पर साधा निशाना
विरोध के दौरान मंत्री शेखावत ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि हर घर तक पीने का पानी पहुंचना चाहिए। उसके लक्ष्य को लेकर और घर तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए योजना के तहत केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार को 27 हजार करोड़ रुपए दिए। लेकिन कांग्रेस सरकार ने दुर्भावनावश राजस्थान में किसी तरह का काम नहीं होने दिया। झाबरा गांव में पानी की टंकी बनाने की मांग थी, कांग्रेस सरकार ने जो योजना बनाई थी, उसमें झाबरा की टंकी को लिया भी नहीं। आप लोगों की डिमांड पर 4 करोड़ रुपए की टंकी झाबरा गांव के लिए सेंक्शन करवाई। पांच साल तक कांग्रेस सरकार ने उसे रोके रखा, सेंक्शन नहीं होने दिया। 4 करोड़ 89 लाख रुपए की टंकी को सेंक्शन करवाकर उसे टेंडर के स्टेज तक ला दिया, फिर भी आप लोगों को लगता है कि टंकी नहीं बनती और मेरे खिलाफ नारे लगाने से टंकी बन जाएगी तो बनाओ आप।
ग्रामीणों से कही ये बड़ी बात
उन्होंने कहा कि इसके आगे पराकाष्ठा है कि मैं आप लोगों (Gajendra Singh Shekhawat) के लिए संघर्ष कर रहा हूं। मैंने संघर्ष कर पानी की टंकी सेंक्शन करवाई, टेंडर करवा दिया। उसका धन्यवाद देने के बजाय आप मुझे इस बात का दोष दे रहे हो कि हमारी टंकी नहीं बनी। मुझे समझ में नहीं आता कि आप लोग किस मिट्टी के बने है। इस गांव में मेरे साथ इस तरह के है, आप लोग एहसान फरामोशी करते हैं तो मेरा भगवान ही मालिक है। इस तरह का माहौल इस गांव में देखने को मिले जिसकी टंकी बनाने के लिए मैंने 4.5 साल तक संघर्ष किया। एक-एक अधिकारी से बात कर उसकी सेंक्शन करवाई। बीजेपी की सरकार आते ही उसे सेंक्शन करवाकर टेंडर की स्टेज तक ले आया। टेंडर बनने के बाद एक प्रक्रिया के तहत टंकी बनेगी, उसमें समय तो लगता है। एक दम से टंकी तो बनकर तैयार नहीं हो जाएगी। मैं फिर आपको भरोसा दिलाता हूं कि टंकी बनेगी और आपके घरों में पानी आएगा। अगर भरोसा नहीं तो मेरे पास इस बात का कोई इलाज नहीं है।
मंत्री ने पानी की टंकी के लिए साढ़े चार साल संघर्ष किया-प्रतापपुरी
पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी ने कहा कि हमारा सांसद केंद्रीय मंत्री (Gajendra Singh Shekhawat) बनता है तो हमारे लिए गौरव की बात होती है। ऐसा सम्मानित व्यक्ति आए तो उनका सम्मान करना हमारा शिष्टाचार है। हमारी मांग हमारा अधिकार है क्योंकि वो हमारे है और हम उनके। लेकिन उसको ढंग से रखना चाहिए। केंद्रीय मंत्री हमारे बीच में आए, बड़े भाव से आए। उन्होंने पता नहीं कितने संघर्ष किए। गजेंद्र सिंह एक श्वास भी अपने लिए नहीं जीते है, वो गृहस्थी है लेकिन अपने घर में नहीं सोते है, लोगों के काम के लिए लगे रहते हैं। एक घर का मुखिया भी कहता है कि मेरे पास अभी टाइम नहीं है, तो एक केंद्रीय मंत्री की स्थिति क्या होगी, क्या आपने कल्पना की है। जब अपनों से इस तरह सुनने को मिलता। थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। साढ़े चार साल के संघर्ष के बाद यहां पानी की टंकी लाई है। देश में दूसरी जगह घर तक नल पहुंचाने का खर्चा 20 हजार रुपए है। अपने क्षेत्र में हर घर नल पहुंचाने के लिए 2 लाख रुपए प्रत्येक घर का खर्चा आ रहा है। फिर भी वो काम मंत्री जी ने करवाया है। राजस्थान के लिए भारत से अलग फंड दिलवाया। राजस्थान की कांग्रेस सरकार योजना को फेल करने में लगी रही।