Jaipur: लोकसभा चुनावों के मद्देनजर (Loksabha Election) लोकसभा प्रभारी, सह प्रभारी और संयोजकों की नियुक्ति के बाद बुधवार को प्रदेश कार्यालय भाजपा की पहली बैठक हुई। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और 10 मंत्री नहीं पहुंचे। बैठक में नहीं पहुंचने वाले मंत्रियों में किरोड़ीलाल मीणा, गजेन्द्र सिंह खींवसर, संजय शर्मा, जवाहर सिंह बेढ़म, कन्हैयालाल चौधरी, विजय सिंह, जोराराम कुमावत, हेमंत मीणा, बाबूलाल खराड़ी और ओटाराम देवासी शामिल है।
इस वजह से बैठक में नहीं हुए शामिल
इनमें मंत्री बाबूलाल खराड़ी, किरोड़ीलाल मीणा और हेमंत मीणा डूंगरपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में मौजूद होने की वजह से बैठक में नहीं पहुंच सके। बैठक में लोकसभा चुनावों की आगामी रणनीति को लेकर चर्चा हुई। इसमें तय हुआ है कि 20 फरवरी से प्रदेश में लोकसभा वार केंद्रीय नेताओं के दौरे शुरू होंगे। वहीं, विधानसभावार प्रदेश के नेताओं के दौरे होंगे।
एक बार फिर शुरू होंगे केंद्रीय नेताओं के दौरे
लोकसभा चुनावों के मद्देनजर एक बार (Loksabha Election) फिर प्रदेश में केंद्रीय नेताओं के दौरे होंगे। इसकी शुरुआत बीकानेर से होगी। बीकानेर क्लस्टर की तीन लोकसभा सीटों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 20 फरवरी को दौरा होगा। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ लोकसभा सीट के प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि लोकसभा चुनावों के मद्देनजर केंद्रीय नेताओं दौरों की शुरुआत बीकानेर से होगी। इसके बाद उत्तरप्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का लोकसभावार दौरा होगा।
प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों पर 8 क्लस्टर
गौरतलब है कि पार्टी ने प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों को 8 क्लस्टर में बांटकर उनके इंचार्ज तय किए हैं। बीकानेर क्लस्टर में बीकानेर, श्रीगंगानगर और चुरू लोकसभा सीट को रखा गया है। बीकानेर क्लस्टर के इंचार्ज और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कोई भी ऐसी सीट नहीं होगी, जहां बीजेपी के नेता नहीं पहुंचेंगे। सभी सीटों पर केंद्रीय नेता, बीजेपी की दूसरी पंक्ति के नेता और प्रदेश नेताओं के दौरे होंगे।
बूथ पर ज्यादा वोटिंग कराने का लक्ष्य
बैठक में तय किया गया है कि इस बार विधानसभा (Loksabha Election) चुनावों की तुलना में वोटिंग मार्जिन को बढ़ाया जाए। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को बूथ पर ज्यादा से ज्यादा वोटिंग कराने का लक्ष्य दिया गया है। बैठक में आचार संहिता लगने से पहले लोकसभा और विधानसभावार चुनाव प्रबंधन टीमें गठित करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही लोकसभा कार्यालय खोलने के भी निर्देश बैठक में दिए गए हैं।