दिल्ली - सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में गुरुवार का दिन भारतीय महिला पहलवानों के नाम रहा, जहां देश की उभरती प्रतिभाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत की। 55 किलोग्राम वर्ग में हंसिका लांबा और 59 किलोग्राम वर्ग में नेहा ने कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया, जबकि 53 किलोग्राम वर्ग में दो बार की राष्ट्रीय चैंपियन मीनाक्षी गोयत ने फाइनल में प्रवेश कर स्वर्ण पदक की उम्मीद जगा दी है।
हंसिका लांबा का दमदार प्रदर्शन
हंसिका लांबा ने अपने कांस्य पदक मुकाबले में किर्गिस्तान की अरूके कादिरबेक किजी के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया। मुकाबले के दौरान हंसिका ने आक्रामक रणनीति अपनाई और शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। अंततः उन्होंने 6-1 के अंतर से मुकाबला जीतकर पोडियम पर अपनी जगह सुनिश्चित की। यह जीत न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत उपस्थिति का भी संकेत देती है।
भारत के कुल पदकों की संख्या सात तक पहुंची
वहीं 59 किलोग्राम वर्ग में नेहा ने मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेल्खू के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाया। मुकाबले में नेहा ने तकनीकी दक्षता और संयम का शानदार प्रदर्शन करते हुए 10-4 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उन्होंने भारत के कुल पदकों की संख्या सात तक पहुंचा दी, जो इस चैंपियनशिप में भारतीय दल के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
मीनाक्षी गोयत ने सियोयंग पार्क को हराया
दूसरी ओर, 53 किलोग्राम वर्ग में मीनाक्षी गोयत ने दक्षिण कोरिया की सियोयंग पार्क के खिलाफ शानदार जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया। मीनाक्षी, जो पहले ही दो बार राष्ट्रीय चैंपियन रह चुकी हैं, ने अपने अनुभव और तकनीकी कौशल का बेहतरीन उपयोग करते हुए मुकाबले को अपने पक्ष में किया। अब फाइनल में उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है, जो भारत के लिए इस प्रतियोगिता में एक और बड़ी उपलब्धि हो सकती है।
स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है
भारतीय महिला पहलवानों का यह प्रदर्शन न केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम है, बल्कि देश में कुश्ती के बढ़ते स्तर और प्रशिक्षण प्रणाली की सफलता को भी दर्शाता है। आने वाले मुकाबलों में सभी की निगाहें मीनाक्षी गोयत पर होंगी, जिनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है।