नई दिल्ली - इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अपने भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया है। स्टोक्स ने कहा कि वह आने वाले समय में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभाना चाहते हैं। उनका मानना है कि क्रिकेट उनके जीवन का अहम हिस्सा है और कोच के रूप में वह अपने अनुभव का लाभ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों तक पहुंचाना चाहते हैं।
इंग्लैंड टीम के कोच बनना चाहते हैं स्टोक्स
पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने कहा कि मैदान से दूर होने के बावजूद उनका खेल से जुड़ाव हमेशा बना रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि भविष्य में अवसर मिला तो वह इंग्लैंड टीम के साथ कोच के रूप में काम करने के लिए तैयार रहेंगे। उनका मानना है कि टीम के साथ लंबे समय तक खेलने का अनुभव उन्हें एक बेहतर मार्गदर्शक बनने में मदद करेगा।
इंग्लैंड को 2019 में पहली बार वनडे विश्व कप जिताया
बेन स्टोक्स का करियर इंग्लैंड क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिना जाता है। उनकी अगुआई में इंग्लैंड ने 2019 में पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जीता, जबकि 2022 में टी20 विश्व कप भी अपने नाम किया। इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर आक्रामक 'बाज़बॉल' रणनीति को अपनाया, जिसने इंग्लैंड की टेस्ट टीम की खेलने की शैली पूरी तरह बदल दी।
2019 वनडे विश्व कप फाइनल में खेली थी शानदार पारी
स्टोक्स ने अपने करियर में कई यादगार पारियां खेलीं। 2019 वनडे विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी नाबाद 84 रन की पारी इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत की आधारशिला बनी। इसी वर्ष एशेज सीरीज के हेडिंग्ले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई नाबाद 135 रन की पारी को टेस्ट क्रिकेट की महान पारियों में गिना जाता है। वहीं, 2022 टी20 विश्व कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 52 रन बनाकर उन्होंने टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
बेन स्टोक्स के टेस्ट करियर के प्रमुख आंकड़े
टेस्ट मैच: 122
कुल रन: 7,273
कुल विकेट: 252
इंग्लैंड के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में शामिल।
'बाज़बॉल' रणनीति के जरिए टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक सोच को नई पहचान दिलाई।
2019 वनडे विश्व कप और 2022 टी20 विश्व कप विजेता टीम के प्रमुख खिलाड़ी रहे।
बेन स्टोक्स का मानना है कि खिलाड़ी के रूप में जो अनुभव उन्होंने हासिल किया है, उसे भविष्य में कोच के रूप में टीम की सफलता में बदलना उनकी अगली बड़ी चुनौती होगी।