ग्लासगो/नई दिल्ली: ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) का समापन हो चुका है, जहां भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि 1998 के बाद से यह भारत की सबसे कम पदक संख्या है, लेकिन कई प्रमुख खेलों के शामिल न होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथे स्थान पर रहना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रमुख खेलों के बिना भी बरकरार रखा दबदबा
आर्थिक सीमाओं के कारण इस बार ग्लासगो गिम्स में खेलों की संख्या 19 से घटाकर केवल 10 कर दी गई थी। इस वजह से निशानेबाजी (शूटिंग), कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और हॉकी जैसे भारत के सबसे ज्यादा पदक दिलाने वाले खेलों को सूची से बाहर रखा गया था। इसके बावजूद भारतीय दल ने अन्य स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान स्कॉटलैंड को पछाड़कर चौथा स्थान हासिल किया।

बॉक्सिंग में रिकॉर्ड 7 गोल्ड और जुडो में पहला ऐतिहासिक स्वर्ण
भारत को सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) में मिली, जहां 14 सदस्यीय दल ने 7 स्वर्ण और 3 रजत समेत कुल 10 पदक जीते। महिला वर्ग में प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घांघस और अरुंधति चौधरी ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पांघाल चैंपियन बने। वहीं जुडो में हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा) और अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा) ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता।
एथलेटिक्स, पैरा-स्पोर्ट्स और भारोत्तोलन में चमके खिलाड़ी
एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स में भारत ने कुल 16 पदक अपने नाम किए। स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने रजत पदक जीता, जबकि गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य जीतकर एक ही सत्र में दो पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया। पैरा-एथलीटों में शर्मिला धनखड़, दिलीप महादु गावित और सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। उधर वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया।