नई दिल्ली - 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अब T20 क्रिकेट में धमाल मचाने के बाद रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत करने की तैयारी में हैं। दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए उन्हें ईस्ट जोन की टीम में शामिल किया गया है और वह उप-कप्तान की भूमिका भी निभाएंगे। ईस्ट जोन का क्वार्टर फाइनल मुकाबला नॉर्थ ईस्ट जोन से होगा। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वैभव ने अब तक 8 मैचों की 12 पारियों में 207 रन बनाए हैं। उनका औसत 17.25 और सर्वोच्च स्कोर 93 रन है। उनके नाम अभी एक अर्धशतक है और शतक नहीं आया है। ऐसे में दलीप ट्रॉफी उनके लिए रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका है।
IPL में कम उम्र में बनाया बड़ा रिकॉर्ड
वैभव ने IPL में राजस्थान रॉयल्स के साथ अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने 19 अप्रैल 2025 को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ IPL डेब्यू किया और 14 साल 23 दिन की उम्र में लीग के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने। अपने पहले मैच में उन्होंने 20 गेंदों पर 34 रन बनाए। IPL 2025 में वैभव ने 7 मैचों में 252 रन, 36 की औसत और 206.56 के स्ट्राइक रेट से बनाए। गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 38 गेंदों में शतक जड़कर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का परिचय दिया।
IPL 2026 में वैभव ने मचाया तहलका
IPL 2026 वैभव के करियर का सबसे शानदार सीजन रहा। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। उनके नाम 72 छक्के भी रहे। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 37 गेंदों में 103 रन की तूफानी पारी खेली। वह इस सीजन राजस्थान के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनके शानदार प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वैभव ने IPL 2026 में ऑरेंज कैप और MVP अवॉर्ड के साथ इमर्जिंग प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर और सुपर सिक्सेस ऑफ द सीजन के पुरस्कार भी जीते।
T20 इंटरनेशनल में भी शानदार शुरुआत
IPL की सफलता के बाद वैभव को भारतीय सीनियर टीम में जगह मिली। उन्होंने 4 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना T20I डेब्यू किया और 15 साल 99 दिन की उम्र में भारत के सबसे युवा पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती मैचों के बाद वैभव ने जिम्बाब्वे दौरे पर भी अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। तीन T20I मैचों में उन्होंने 151 रन बनाए। पहले मैच में सिर्फ 19 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और तीसरे मुकाबले में 49 गेंदों पर 81 रन बनाए। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें सीरीज का प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
अब रेड-बॉल क्रिकेट में असली चुनौती
T20 में तेज रन बनाना वैभव की सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन टेस्ट और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्हें लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी करनी होगी। दलीप ट्रॉफी में उन्हें गेंद छोड़ने, डिफेंस करने, पारी को गति देने और मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य दिखाने की परीक्षा से गुजरना होगा। ईस्ट जोन की टीम में ईशान किशन, मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन, कुमार कुशाग्र, शाहबाज अहमद और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। ऐसे में वैभव को उनसे सीखने का भी बड़ा मौका मिलेगा।
T20 स्टार से ऑल-फॉर्मेट बल्लेबाज बनने की राह
वैभव सूर्यवंशी ने IPL और T20 इंटरनेशनल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया का ध्यान खींच लिया है। अब दलीप ट्रॉफी में बड़ी पारी खेलना उनके लिए यह साबित करने का मौका होगा कि वह सिर्फ T20 के खिलाड़ी नहीं, बल्कि लंबे प्रारूप में भी भारत के भविष्य के भरोसेमंद बल्लेबाज बन सकते हैं। अगर वैभव रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी तकनीक और धैर्य को T20 वाली आक्रामकता के साथ सही तरीके से जोड़ लेते हैं, तो आने वाले वर्षों में उनका नाम तीनों फॉर्मेट के बड़े भारतीय बल्लेबाजों में शामिल हो सकता है।