दिल्ली सरकार ने बिजली की बढ़ती खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई गाइडलाइंस जारी की हैं। सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि राजधानी के सभी सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बिजली की बड़ी मात्रा में बचत संभव हो सकेगी और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
सभी सरकारी संस्थानों पर तुरंत लागू हुआ आदेश
सरकार का यह आदेश केवल मंत्रालयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सभी विभागों, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायत्त संस्थानों में भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कार्यालयों में इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। सरकार का कहना है कि गर्मी के मौसम में अत्यधिक बिजली खपत को कम करने के लिए यह कदम बेहद जरूरी था।
प्राकृतिक रोशनी के इस्तेमाल पर जोर
नई गाइडलाइंस में केवल AC के तापमान को नियंत्रित करने की बात नहीं कही गई है, बल्कि दफ्तरों में बिजली की फिजूलखर्ची रोकने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने सलाह दी है कि दिन के समय अधिकतम प्राकृतिक रोशनी का उपयोग किया जाए ताकि अनावश्यक बिजली खर्च को कम किया जा सके। इसके अलावा गलियारों, मीटिंग हॉल और अन्य सार्वजनिक हिस्सों में जरूरत से ज्यादा लाइटें जलाने से भी बचने के निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग प्रमुखों की तय होगी जवाबदेही
दिल्ली सरकार ने इस आदेश के पालन को लेकर जिम्मेदारी भी तय कर दी है। सभी विभागों के प्रमुखों और शाखा प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि कार्यालयों में बिजली बचत के नियमों का पालन हो। आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी के लिए संबंधित अधिकारी जवाबदेह माने जाएंगे। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार इस अभियान को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखना चाहती।
कर्मचारियों में जागरूकता फैलाने की तैयारी
ऊर्जा संरक्षण को एक जन-जागरूकता अभियान का रूप देने के लिए सरकार ने कार्यालयों में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। कर्मचारियों को समझाया जाएगा कि सीमित संसाधनों के बीच ऊर्जा बचत कितनी महत्वपूर्ण है और छोटे-छोटे कदम किस तरह बड़े स्तर पर असर डाल सकते हैं। सरकार का उद्देश्य केवल बिजली बचाना नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों में ऊर्जा उपयोग की जिम्मेदार संस्कृति विकसित करना भी है।
बढ़ती गर्मी और बिजली मांग के बीच अहम फैसला
दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है। ऐसे में सरकार का यह फैसला ऊर्जा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़े स्तर पर AC के तापमान को नियंत्रित किया जाए तो हजारों मेगावॉट बिजली की बचत की जा सकती है, जिससे बिजली संकट की स्थिति को भी काफी हद तक संभाला जा सकता है।