नई दिल्ली. देश में महंगाई एक बार फिर आम आदमी के लिए बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है। पिछले 48 घंटों के भीतर रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण वस्तुओं की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग की परेशानियां बढ़ गई हैं। रसोई से लेकर सफर और निवेश तक हर क्षेत्र में महंगाई का असर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है और आने वाले दिनों में आर्थिक दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सोना-चांदी की कीमतों में आया बड़ा उछाल
सबसे पहले सोना और चांदी की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली। केंद्र सरकार द्वारा बहुमूल्य धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद बाजार में इनके दाम अचानक ऊपर चले गए। सोना करीब 11 हजार रुपए तक महंगा हो गया, जबकि चांदी की कीमतों में लगभग 22 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तेज उछाल ने विवाह और निवेश की तैयारी कर रहे लोगों को बड़ा झटका दिया है। आभूषण कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी से बाजार में खरीदारी की रफ्तार पर भी असर पड़ सकता है।
दूध महंगा होने से सीधे रसोई पर पड़ा असर
महंगाई का सबसे बड़ा असर अब रसोई तक पहुंच गया है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने पैकेज्ड दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 14 मई से लागू हो चुकी हैं। दूध के दाम बढ़ने का असर केवल चाय और दूध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दही, पनीर, मिठाई और अन्य डेयरी उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती उत्पादन और परिवहन लागत के कारण कंपनियों ने यह फैसला लिया है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने बढ़ाया आर्थिक दबाव
तेल कंपनियों ने भी उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 15 मई से लागू हो गई हैं। बढ़ी हुई कीमतों के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे अन्य वस्तुओं की कीमतें भी धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं।
सीएनजी उपभोक्ताओं को भी लगा महंगाई का झटका
सीएनजी का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को भी राहत नहीं मिली है। दिल्ली और मुंबई में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि कर दी गई है। नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में सीएनजी 79.09 रुपए प्रति किलो और मुंबई में 84 रुपए प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है। सीएनजी की कीमत बढ़ने से ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के किराए पर भी असर पड़ सकता है, जिसका सीधा बोझ आम यात्रियों पर पड़ेगा।
घरेलू बजट पर बढ़ा दबाव, लोगों में चिंता गहराई
लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पहले से ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों के बढ़ते खर्चों से जूझ रहे लोगों के लिए यह नई महंगाई अतिरिक्त दबाव लेकर आई है। गृहिणियों का कहना है कि सीमित आय में घर चलाना लगातार कठिन होता जा रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले समय में ईंधन और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई, तो महंगाई का असर बाजार और उपभोक्ता मांग दोनों पर दिखाई दे सकता है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है परेशानी
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, आयात लागत और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी का असर भारत में भी दिखाई दे रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो आने वाले समय में कई अन्य जरूरी वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। ऐसे में आम लोगों की चिंता यह है कि महंगाई की यह नई लहर उनकी बचत और जीवनशैली दोनों को प्रभावित कर सकती है।