पश्चिम एशिया (West Asia) में युद्ध की लपटें अब और तेज हो गई हैं। सोमवार को ईरान की सरकारी मीडिया ने एक चौंकाने वाली खबर दी है- देश के सैन्य खुफिया प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल मजीद खादेमी की एक भीषण संघर्ष में मौत हो गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का टकराव चरम पर है।
खुफिया प्रमुख की मौत: रहस्य बरकरार
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया प्रमुख मजीद खादेमी की मौत की पुष्टि तो कर दी गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे कहाँ और किस हमले में मारे गए।
इतिहास दोहराया: पिछले साल जून में तत्कालीन खुफिया प्रमुख **मोहम्मद काज़ेमी** इजरायली हमले में मारे गए थे। उनके बाद खादेमी को कमान सौंपी गई थी, लेकिन एक साल के भीतर ही ईरान ने अपना दूसरा बड़ा सैन्य चेहरा खो दिया है।
ट्रंप का 'अल्टीमेटम': "समझौता करो या अंजाम भुगतो"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को घुटनों पर लाने के लिए अब तक की सबसे सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 6:30 बजे) तक की समयसीमा तय की है।
ट्रंप का कड़ा बयान
अगर वे (ईरान) जल्द ही समझौते की मेज पर नहीं आए, तो मैं सब कुछ उड़ा दूंगा और तेल के कुओं पर कब्जा कर लूंगा।"- डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
पर्दे के पीछे की कूटनीति: क्या थमेगा युद्ध?
एक तरफ जहाँ धमकियों का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ गुप्त बातचीत की खबरें भी आ रही हैं। अमेरिकी न्यूज़ पोर्टल 'एक्सियोस' (Axios) ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि:
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है।
पहले चरण में 45 दिनों के लिए युद्ध विराम (Ceasefire) पर चर्चा की जा रही है।
हालांकि, आधिकारिक तौर पर ईरान ने अभी तक बातचीत के कोई संकेत नहीं दिए हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
अगर बुधवार सुबह तक हॉर्मुज को लेकर कोई समझौता नहीं होता है, तो अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।