दुनियाभर के पारंपरिक व्यंजनों की रैंकिंग जारी करने वाली प्रसिद्ध वेबसाइट ‘टेस्ट एटलस’ ने मई 2026 के लिए दुनिया के 50 सर्वश्रेष्ठ पैनकेक्स की सूची जारी की है। इस प्रतिष्ठित सूची में भारतीय मसाला डोसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया है। 4.3 स्टार रेटिंग के साथ मिली यह उपलब्धि भारतीय स्वाद और दक्षिण भारतीय व्यंजनों की वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाती है। खाद्य विशेषज्ञों का मानना है कि डोसा की सादगी, स्वाद और पौष्टिकता इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खास बनाती है।
टॉप 10 में शामिल होकर बढ़ाया भारत का मान
मसाला डोसा को दुनिया के सबसे बेहतरीन नमकीन पैनकेक्स में गिना गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सूची में दुनिया के कई प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन शामिल थे। भारतीय मसाला डोसा ने अपनी खास बनावट, मसालेदार आलू भरावन और कुरकुरी परत के दम पर वैश्विक फूड लवर्स का ध्यान आकर्षित किया है। सोशल मीडिया पर भी भारतीय यूजर्स इस उपलब्धि को लेकर गर्व व्यक्त करते दिखाई दे रहे हैं।
डोसा की दूसरी किस्मों ने भी बनाई जगह
सिर्फ मसाला डोसा ही नहीं, बल्कि डोसा की अन्य लोकप्रिय किस्मों ने भी इस वैश्विक सूची में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। सामान्य डोसा को 4.2 रेटिंग के साथ 15वां स्थान मिला है, जबकि कुरकुरी बनावट के लिए मशहूर पेपर डोसा 4.1 रेटिंग के साथ 35वें स्थान पर रहा। इससे साफ है कि भारतीय व्यंजनों की विविधता और स्वाद दुनिया के लोगों को लगातार आकर्षित कर रहे हैं।
दक्षिण भारतीय भोजन की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता
पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण भारतीय व्यंजनों की लोकप्रियता दुनिया भर में तेजी से बढ़ी है। डोसा, इडली, सांभर और उत्तपम जैसे व्यंजन अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहे, बल्कि अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व सहित कई देशों में बड़े स्तर पर पसंद किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हेल्दी और हल्के भोजन की बढ़ती मांग ने भी डोसा जैसे व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
स्वाद के साथ सेहत का भी है बेहतरीन मेल
मसाला डोसा केवल स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि पोषण के लिहाज से भी काफी बेहतर माना जाता है। चावल और दाल से तैयार होने के कारण इसमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का संतुलित मिश्रण पाया जाता है। वहीं कम तेल में तैयार होने और आसानी से पचने की वजह से इसे हेल्दी फूड कैटेगरी में भी पसंद किया जाता है। यही वजह है कि विदेशी फूड एक्सपर्ट्स भी इसे भारतीय खानपान की खास पहचान मानते हैं।
भारतीय व्यंजनों की वैश्विक पहचान हो रही मजबूत
भारतीय भोजन अब लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। अलग-अलग वैश्विक फूड रैंकिंग में भारतीय व्यंजनों को मिल रही जगह यह साबित करती है कि भारतीय स्वाद की लोकप्रियता सीमाओं से कहीं आगे निकल चुकी है। मसाला डोसा की यह उपलब्धि केवल एक व्यंजन की सफलता नहीं, बल्कि भारतीय पाक संस्कृति के वैश्विक प्रभाव का प्रतीक भी मानी जा रही है।