नई दिल्ली. देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी के बीच अब मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के बड़े हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव के कारण तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। यही वजह है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में लोगों को झुलसाती गर्मी से बड़ी राहत मिलने लगी है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को हुई तेज बारिश और धूलभरी आंधी ने मौसम को अचानक बदल दिया। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे लंबे समय से परेशान लोगों को राहत महसूस हुई। मौसम विभाग के मुताबिक 30 और 31 मई को भी दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि 1 जून के बाद मौसम साफ होने और दोबारा गर्मी बढ़ने के संकेत भी दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि और तूफान की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। गाजियाबाद, मथुरा, संभल, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और कासगंज समेत कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई है। वहीं झांसी और बदायूं में भारी ओलावृष्टि ने लोगों को चौंका दिया। राजधानी लखनऊ, कानपुर, बरेली और मुरादाबाद में देर रात तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आने की चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम परिवर्तन किसानों और आम लोगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश में भी अलर्ट
दिल्ली और यूपी के अलावा राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी अगले तीन दिनों तक तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में बिजली गिरने और पेड़ उखड़ने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान से बचाने के लिए भी किसानों को सतर्क किया गया है।
गर्मी के रिकॉर्ड के बीच आया मौसम का बड़ा बदलाव
बीते दिनों उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। उत्तर प्रदेश का बांदा 47.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था। ऐसे में अचानक बदले मौसम ने लोगों को राहत दी है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण आने वाले दिनों में कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मानसून की आहट से बढ़ी उम्मीदें
मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रही परिस्थितियां दक्षिण-पश्चिम मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रही हैं। यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो जून के पहले सप्ताह में मानसून उत्तर भारत के बड़े हिस्से तक पहुंच सकता है। इससे भीषण गर्मी से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।