मुरादाबाद- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मुरादाबाद दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह जिले को 365.50 करोड़ रुपये की लागत वाली 63 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री 26 परियोजनाओं का लोकार्पण और 37 नई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा वह जनसभा को संबोधित करेंगे, लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की समीक्षा करेंगे और गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय का निरीक्षण भी करेंगे।
365.50 करोड़ की 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे के दौरान कुल 63 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इनमें 136.15 करोड़ रुपये की 26 परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि 229.35 करोड़ रुपये की लागत वाली 37 परियोजनाओं का शिलान्यास होगा। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से जिले में आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
मुरादाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सबसे अधिक विकास कार्य मुरादाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र के लिए घोषित किए जाएंगे। यहां 237.88 करोड़ रुपये की 24 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होगा। इनमें 84.06 करोड़ रुपये की 13 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 153.82 करोड़ रुपये की 11 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र को 105.74 करोड़ रुपये की 27 परियोजनाओं की सौगात मिलेगी। इनमें 39.60 करोड़ रुपये के 9 कार्यों का लोकार्पण और 66.14 करोड़ रुपये के 18 कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। वहीं मुरादाबाद देहात विधानसभा क्षेत्र में 21.88 करोड़ रुपये की 12 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होगा।
जनसभा, समीक्षा बैठक और विश्वविद्यालय का निरीक्षण करेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सर्किट हाउस में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। शाम को वह विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। दौरे के दौरान गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण भी उनके कार्यक्रम में शामिल है।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के किए गए कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसएसपी सतपाल अंतिल ने कार्यक्रम स्थल और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।