अयोध्या - अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी और चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। जहां विपक्ष लगातार योगी सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट को निशाने पर ले रहा है, वहीं राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने साफ कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सख्त बयान दिए हैं।
SIT और पुलिस की जांच जारी, दोषी नहीं बचेंगे
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) और पुलिस कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। पाठक ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की है और जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए सवाल उठा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कभी अन्य धार्मिक संस्थानों में सामने आने वाले भ्रष्टाचार या अनियमितताओं पर सवाल नहीं उठाता। उनके अनुसार, कई मदरसों में गंभीर अनियमितताओं की खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन विपक्ष उन मुद्दों पर चुप रहता है क्योंकि वह तुष्टिकरण की राजनीति करता है।
केशव प्रसाद मौर्य ने किया चंपत राय का बचाव
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी राम मंदिर विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रस्ट इस मामले में जो भी जानकारी देना उचित समझेगा, वही आधिकारिक रूप से सामने रखेगा। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि हिंदू विरोधी तत्व उनके बारे में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि चंपत राय दशकों से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं और उनके योगदान को पूरा देश जानता है। इसलिए उनके खिलाफ बिना तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने दोहराया कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विपक्ष सुनियोजित तरीके से सनातन आस्था पर प्रहार करने की कोशिश कर रहा है। योगी ने कहा कि जो कांग्रेस कभी भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाती थी और समाजवादी पार्टी जिसने राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं, वही आज खुद को राम भक्त साबित करने की कोशिश कर रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी "गिरगिट की तरह रंग बदल रही हैं" और उन्हें भगवान राम पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष राम मंदिर जैसे आस्था के विषय को भी राजनीतिक हथियार बनाने का प्रयास कर रहा है।
जांच पूरी होने का इंतजार
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। हालांकि राज्य सरकार, ट्रस्ट और जांच एजेंसियां लगातार यह दोहरा रही हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच चल रही है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में इस मामले पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।