अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के बाद अब ज्वाइंट CEO और डिप्टी CEO की तैनाती की तैयारी की जा रही है। ट्रस्ट के महासचिव महंत गोविंद देव गिरि ने इसकी जानकारी दी है।
CEO के बाद अब ज्वाइंट और डिप्टी CEO की नियुक्ति
राम मंदिर ट्रस्ट ने हाल ही में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला CEO नियुक्त किया है। इसके बाद मंदिर के प्रशासन और रोजमर्रा के संचालन को बेहतर तरीके से संभालने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में ज्वाइंट CEO और डिप्टी CEO की नियुक्ति की जाएगी।
पहले से तैयार पैनल से होगा चयन
ट्रस्ट के अनुसार, ज्वाइंट CEO और डिप्टी CEO के चयन के लिए सर्च कमेटी ने पहले ही उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया है। यानी इन पदों के लिए चयन की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करने के बजाय उपलब्ध पैनल में शामिल नामों में से उपयुक्त अधिकारी का चयन किया जाएगा। अंतिम फैसला ट्रस्ट की जरूरत और उपलब्ध विकल्पों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
CEO चयन में भी अपनाई गई थी विस्तृत प्रक्रिया
राम मंदिर के CEO पद के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, हजारों आवेदनों की शुरुआती छंटनी के बाद उम्मीदवारों को कई चरणों में परखा गया। अंतिम चरण में चयन समिति ने उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया और फिर योग्य नामों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपा।
प्रशासन, सुरक्षा और श्रद्धालु सुविधाओं पर रहेगा फोकस
राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में इन वरिष्ठ पदों की नियुक्ति का उद्देश्य मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुरक्षा, कर्मचारियों का प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और बड़े धार्मिक आयोजनों की तैयारियों जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी करनी होती है।
प्रवक्ता के नाम पर अभी फैसला बाकी
ट्रस्ट के महासचिव ने यह भी बताया कि ट्रस्ट के आधिकारिक प्रवक्ता के लिए उपयुक्त नाम की तलाश अभी पूरी नहीं हुई है। इसी वजह से प्रवक्ता की नियुक्ति फिलहाल टाल दी गई है। उपयुक्त नाम तय होने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी।
अयोध्या को सांस्कृतिक राजधानी बनाने का लक्ष्य
महंत गोविंद देव गिरि ने कहा कि ट्रस्ट का लक्ष्य केवल मंदिर की व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं है। अयोध्या को विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने और राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए मंदिर की सेवा व्यवस्था और सुविधाओं को और प्रभावी बनाने की योजना है।