अयोध्या. अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और बहुमूल्य दान से जुड़ी चर्चाओं के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पास सुरक्षित सोने, चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि मंदिर में भक्तों द्वारा अर्पित प्रत्येक बहुमूल्य वस्तु का व्यवस्थित अभिलेख रखा गया है और उसके संरक्षण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। उनके अनुसार अब तक प्राप्त सभी मूल्यवान दान सुरक्षित हैं तथा उनकी संख्या, प्रकार, दानदाता का विवरण और प्राप्ति की तिथि का समुचित रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास उपलब्ध है। ट्रस्ट का यह कदम हाल के दिनों में सामने आए आरोपों और अफवाहों के बीच पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सोने की रामचरितमानस से हीरा जड़ित हार तक, दुर्लभ भेंटों का हुआ प्रदर्शन
ट्रस्ट ने मीडिया के समक्ष मंदिर को प्राप्त कई दुर्लभ और बहुमूल्य धार्मिक उपहारों का भी प्रदर्शन किया। इनमें सोने से निर्मित रामचरितमानस, हीरा जड़ित हार, रजत निर्मित चरण पादुका, रजत काकभुशुंडी प्रतिमा, मुकुट, हार, चांदी की ईंटें तथा अन्य धार्मिक कलाकृतियां प्रमुख रूप से शामिल थीं। इन वस्तुओं ने न केवल श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रतिबिंबित किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश-विदेश से आने वाले भक्तों ने मंदिर को अत्यंत मूल्यवान भेंट अर्पित की हैं। ट्रस्ट का कहना है कि प्रत्येक वस्तु का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण किया जा रहा है और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
हर दान का सुरक्षित रिकॉर्ड, अफवाहों पर ट्रस्ट का स्पष्ट जवाब
स्वामी गोविंद देव गिरि ने स्पष्ट किया कि दान में प्राप्त प्रत्येक वस्तु का डिजिटल और भौतिक दोनों स्तरों पर रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है। इसमें दानदाता का नाम, वस्तु का विवरण, प्राप्ति की तिथि तथा अन्य आवश्यक सूचनाएं दर्ज की जाती हैं। उन्होंने विशेष रूप से उस रजत काकभुशुंडी प्रतिमा का उल्लेख किया, जिसे श्रद्धालु अनीता भारद्वाज ने दान किया था और जिसे लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं सामने आई थीं। ट्रस्ट ने कहा कि जिन वस्तुओं के संबंध में भ्रामक दावे किए जा रहे थे, वे सभी मंदिर के सुरक्षित भंडार में उपलब्ध हैं। साथ ही प्रत्येक वर्ष स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा इन बहुमूल्य वस्तुओं का भौतिक सत्यापन भी कराया जाता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
दो वर्षों में लगातार बढ़ा बहुमूल्य दान का संग्रह
ट्रस्ट द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2024 तक मंदिर को लगभग 16.765 किलोग्राम सोने से संबंधित वस्तुएं प्राप्त हुई थीं। इसके बाद वर्ष 2024-25 में लगभग 10.445 किलोग्राम तथा वर्ष 2025-26 में लगभग 5.050 किलोग्राम अतिरिक्त सोने की वस्तुएं दान स्वरूप मिलीं। इस प्रकार 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास कुल 32.259 किलोग्राम सोने से संबंधित बहुमूल्य सामग्री उपलब्ध हो गई। इसी प्रकार चांदी और उससे निर्मित वस्तुओं की कुल मात्रा 1518.925 किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। इनमें 849.272 किलोग्राम परिशोधित चांदी भी शामिल है, जिसे दान में प्राप्त चांदी की वस्तुओं को निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत शुद्ध करने के बाद सुरक्षित रखा गया है।
आस्था के साथ पारदर्शिता का संदेश भी बना महत्वपूर्ण
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है और प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां दान देने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में दान की पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखना ट्रस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक संस्थानों में वित्तीय और प्रशासनिक पारदर्शिता श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करती है। ट्रस्ट द्वारा विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने तथा स्वतंत्र सत्यापन की जानकारी साझा करने से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि मंदिर में प्राप्त प्रत्येक बहुमूल्य दान का व्यवस्थित संरक्षण और लेखा-जोखा रखा जा रहा है। इससे भविष्य में भी धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद की जा सकती है।