नई दिल्ली/वृंदावन: सुप्रीम कोर्ट ने वृंदावन स्थित ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और संकरी गलियों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को व्यापक विकास योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सड़कों के चौड़ीकरण समेत कई जरूरी कदम उठाने होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी व्यापक विकास योजना
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने राज्य सरकार और उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) को मंदिर क्षेत्र के विकास की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश करने को कहा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि योजना में सड़क चौड़ीकरण, ट्रैफिक प्रबंधन, आपातकालीन निकास, पेयजल, शौचालय और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं शामिल हों।
बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और बीमार श्रद्धालुओं के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि उन्हें मंदिर तक पहुंचने में परेशानी न हो।
पुजारियों की धार्मिक परंपराओं की दलील
मंदिर के सेवायतों (पुजारियों) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने अदालत में कहा कि बांके बिहारी जी “एक सजीव बालक” हैं और उन्हें जगाने, भोग लगाने और विश्राम के समय सदियों पुरानी परंपराओं के अनुसार तय हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुविधा के नाम पर इन धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
HPC में गोस्वामी प्रतिनिधियों को शामिल करने का आदेश
गोस्वामी समुदाय और मंदिर प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के लिए सुप्रीम कोर्ट ने HPC में चार गोस्वामी प्रतिनिधियों को शामिल करने का निर्देश दिया। इनमें रजत गोस्वामी, शैलेन्द्र गोस्वामी, गोपेश गोस्वामी और हिमांशु गोस्वामी के नाम शामिल हैं।
‘धार्मिक अनुष्ठान जारी रहें, लेकिन शोषण खत्म हो’
जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने सुनवाई के दौरान कहा कि धार्मिक अनुष्ठान और परंपराएं जारी रहनी चाहिए, लेकिन श्रद्धालुओं का किसी भी तरह का शोषण समाप्त होना चाहिए।
संकरी गलियों को लेकर कोर्ट की चिंता
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वृंदावन की संकरी गलियों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि बांके बिहारी मंदिर का क्षेत्र तिरुपति की तरह खुला नहीं है, इसलिए यहां अलग तरीके से सोचने की जरूरत है। अदालत ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।