उत्तर प्रदेश: सितंबर 2026 में बैंक ग्राहकों को कई दिनों तक बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की प्रस्तावित हड़ताल के साथ साप्ताहिक अवकाश के कारण उत्तर प्रदेश की करीब 16 हजार बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं, मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी दी गई है। ऐसे में सितंबर में बैंकिंग सेवाओं पर कुल आठ दिनों तक असर पड़ सकता है।
11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल
बैंक यूनियनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर 11 सितंबर को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित हो सकता है। उत्तर प्रदेश में भी बड़ी संख्या में बैंक शाखाएं हड़ताल के कारण बंद रहने की संभावना है। बैंक यूनियनें लंबे समय से कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य व्यवस्था और अन्य मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं। अगर सरकार और संबंधित पक्षों की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है। इसके बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह में तीन दिन की अतिरिक्त हड़ताल का भी ऐलान किया गया है।
पांच दिन काम करने की मांग
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में केवल पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू करना शामिल है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी के अनुसार, बैंक कर्मचारी लंबे समय से पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग कर रहे हैं। मौजूदा व्यवस्था में बैंक महीने के पहले और तीसरे शनिवार को खुले रहते हैं। वहीं, दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं। यूनियनें सभी शनिवार और रविवार को अवकाश देने की मांग कर रही हैं। इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना को सभी संवर्गों के कर्मचारियों के लिए समान रूप से लागू करने की मांग भी की जा रही है। यूनियनों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला होना चाहिए।
सितंबर में इन तारीखों पर प्रभावित रहेगा बैंकिंग कामकाज
सितंबर में हड़ताल और साप्ताहिक अवकाश को मिलाकर बैंकिंग सेवाएं कुल आठ दिन प्रभावित रहने की संभावना है। 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। इसके अगले दिन यानी 12 सितंबर को दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। 13 सितंबर को रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इसके बाद 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। वहीं, 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल का प्रस्ताव है। लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। ऐसे में ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग कार्य पहले पूरा करने की सलाह दी जा रही है।
अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बैंक संगठनों ने साफ किया है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जा सकता है। यूनियनों के अनुसार, मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है। इसका मतलब है कि बैंक कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय तक काम से दूर रह सकते हैं। इससे बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला आगे की बातचीत और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। बैंक संगठन सरकार और संबंधित पक्षों से अपनी मांगों पर बातचीत कर रहे हैं। फिलहाल सितंबर में प्रस्तावित हड़ताल को लेकर बैंक ग्राहकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
'राइट टू डिस्कनेक्ट' का भी इस्तेमाल
बैंक अधिकारियों ने काम के घंटों के बाद होने वाले काम को लेकर भी कदम उठाना शुरू कर दिया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक यूपीएन सिंह के अनुसार, एआईबीओए के आह्वान पर बैंक अधिकारियों ने 'राइट टू डिस्कनेक्ट' का इस्तेमाल शुरू किया है। इसके तहत कार्यालय का समय समाप्त होने के बाद काम से जुड़े फोन कॉल, ईमेल और संदेशों का जवाब नहीं देना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि काम और निजी समय के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इसके अलावा छुट्टी के दिनों में आयोजित होने वाली बैठकों का बहिष्कार करने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं। यह भी बैंक यूनियनों के चरणबद्ध आंदोलन का हिस्सा है। यूनियनें इन कदमों के जरिए अपनी मांगों को लेकर दबाव बढ़ा रही हैं।
सात प्रमुख बैंक संगठन UFBU में शामिल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के सात प्रमुख संगठन शामिल हैं। ये संगठन बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की अलग-अलग मांगों को लेकर एक मंच पर आंदोलन कर रहे हैं। यूनियनें चरणबद्ध तरीके से अपनी मांगों को सरकार और संबंधित पक्षों के सामने रख रही हैं। सितंबर में प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल भी इसी आंदोलन का हिस्सा है। संगठनों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही मांगों पर जल्द समाधान की जरूरत है। यदि बातचीत के जरिए कोई रास्ता नहीं निकलता है तो आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी गई है। इससे आने वाले समय में बैंकिंग सेवाओं पर और असर पड़ने की संभावना बनी हुई है।
ग्राहकों को हो सकती है परेशानी
हड़ताल और लगातार साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक ग्राहकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट और अन्य शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। जिन ग्राहकों को बैंक शाखा में जाकर जरूरी काम करना है, उन्हें तारीखों का ध्यान रखना होगा। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। फिर भी हड़ताल के दौरान कुछ सेवाओं पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। इसलिए ग्राहकों के लिए जरूरी बैंकिंग काम हड़ताल से पहले पूरा करना बेहतर रहेगा। सितंबर में बैंक जाने से पहले संबंधित शाखा के खुले रहने की तारीख जरूर जांच लेना उपयोगी होगा।