लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए राहत भरी खबर है। बेसिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अंतरजनपदीय स्थानांतरण (ट्रांसफर) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और पति-पत्नी के एक ही विभाग में कार्यरत होने जैसी विशेष परिस्थितियों में शिक्षक 20 जून तक आवेदन कर सकेंगे।
सेवा अवधि की बाध्यता खत्म, अधिक शिक्षकों को मिलेगा मौका
इस बार स्थानांतरण प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि न्यूनतम सेवा अवधि की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। इससे ऐसे शिक्षक और शिक्षिकाएं भी आवेदन कर सकेंगे, जो पहले निर्धारित सेवा अवधि पूरी न होने के कारण पात्र नहीं थे।
किन परिस्थितियों में मिलेगा अंतरजनपदीय तबादले का लाभ?
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, शिक्षक या शिक्षिका स्वयं, उनके पति-पत्नी अथवा अविवाहित पुत्र-पुत्री के कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांग होने की स्थिति में स्थानांतरण के पात्र होंगे। इसके अलावा पति-पत्नी के एक ही विभाग में कार्यरत होने के मामलों में भी आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए विवाह प्रमाणपत्र, सेवा पुस्तिका की प्रति और सेवा संबंधी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। अविवाहित पुत्र या पुत्री के आधार पर आवेदन करने वाले शिक्षकों को 100 रुपये के स्टांप पर शपथपत्र भी देना होगा।
बीएसए के माध्यम से ही भेजे जाएंगे आवेदन
सभी आवेदन निर्धारित प्रारूप में संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के माध्यम से भेजे जाएंगे। बीएसए आवेदन और सभी जरूरी दस्तावेजों को एक जिप फाइल बनाकर परिषद की ईमेल आईडी interdistricttransfer2627@gmail.com पर 20 जून तक भेजेंगे। परिषद ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद या किसी अन्य माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
जानिए स्थानांतरण की प्रमुख शर्तें
ग्रामीण और नगर संवर्ग में ही होगा ट्रांसफर
अंतरजनपदीय स्थानांतरण ग्रामीण सेवा संवर्ग से ग्रामीण सेवा संवर्ग तथा नगर सेवा संवर्ग से नगर सेवा संवर्ग में ही किया जाएगा।
केवल नियमित शिक्षक ही होंगे पात्र
स्थानांतरण प्रक्रिया में सिर्फ नियमित रूप से कार्यरत शिक्षक और शिक्षिकाएं ही आवेदन कर सकेंगे।
फर्जी दस्तावेजों पर होगी कानूनी कार्रवाई
यदि जांच के दौरान किसी शिक्षक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी पाए गए तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नई वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे मिलेगा स्थान
स्थानांतरित जिले में जाने वाले शिक्षक को शपथपत्र देना होगा कि वह नई वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे स्थान स्वीकार करेगा और भविष्य में वरिष्ठता या पदोन्नति को लेकर कोई दावा नहीं करेगा।
पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों के लिए अलग नियम
पदोन्नति प्राप्त शिक्षक या शिक्षिका केवल उसी जिले के लिए आवेदन कर सकेंगे, जहां उनकी मूल नियुक्ति तिथि के आधार पर पदोन्नति की पात्रता बनती हो।