लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए हर दिन भोजन तैयार करने वाले रसोइयों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज राजधानी लखनऊ में आयोजित रसोइया सम्मान समारोह में पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों को सम्मानित करेंगे। इस दौरान रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड समेत कई सुविधाओं का लाभ दिए जाने की बात कही गई है। प्रदेश के करीब 3 लाख 54 हजार रसोइयों को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि स्वास्थ्य सुविधा का लाभ केवल रसोइयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी इसका फायदा मिलेगा। सरकार की इस पहल को रसोइयों के स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
रसोइयों को मिलेगा कैशलेस चिकित्सा कार्ड
सरकार की ओर से रसोइयों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी बड़ी सुविधा की घोषणा की गई है। कैशलेस चिकित्सा कार्ड के जरिए रसोइयों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। एक साल में 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ मिलने की बात कही गई है। इस सुविधा का लाभ रसोइयों के साथ उनके परिवार के सदस्यों को भी मिल सकेगा। इससे गंभीर बीमारी या अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आने पर आर्थिक मदद मिलेगी। इलाज के बढ़ते खर्च के बीच यह सुविधा रसोइया परिवारों के लिए राहत भरी हो सकती है। सरकार का उद्देश्य रसोइयों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाना है। करीब 3.54 लाख रसोइयों को इस पहल से लाभ मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ में होगा रसोइया सम्मान समारोह
राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रसोइया सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों को सम्मानित करेंगे। इस दौरान रसोइयों के योगदान और उनकी भूमिका को लेकर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में सरकार की ओर से रसोइयों के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी जाएगी। कैशलेस चिकित्सा कार्ड समेत अन्य सुविधाओं को लेकर भी जानकारी साझा की जाएगी। समारोह के जरिए रसोइयों के काम को सार्वजनिक रूप से सम्मान देने की कोशिश होगी। सरकार की इस पहल से रसोइयों में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।
जिला स्तर पर भी होंगे सम्मान समारोह
लखनऊ के मुख्य कार्यक्रम के साथ ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर काम करने वाले रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में करीब 1,500 रसोइयों की सहभागिता की बात कही गई है। इस दौरान रसोइयों के योगदान को सम्मान देने के साथ उनकी समस्याओं और जरूरतों पर भी चर्चा हो सकती है। जिलों में होने वाले कार्यक्रमों के जरिए सरकार की योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे रसोइयों तक सरकारी सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने में मदद मिलेगी। सरकार का प्रयास रसोइयों को सम्मान के साथ सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना है।
बच्चों के भोजन की जिम्मेदारी संभालते हैं रसोइये
पीएम पोषण योजना के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में रसोइयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। रसोइये हर दिन स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चों के लिए भोजन तैयार करते हैं। बच्चों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने में उनकी अहम जिम्मेदारी होती है। सुबह से ही भोजन की तैयारी और उसे बच्चों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में रसोइये जुटे रहते हैं। विद्यालयों में बच्चों के पोषण और भोजन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में उनका योगदान रहता है। इसके बावजूद लंबे समय से रसोइयों की भूमिका को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा होती रही है। अब सम्मान समारोह के जरिए उनके योगदान को पहचान देने की पहल की जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने का फैसला रसोइया परिवारों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा का आधार बन सकता है।
3.54 लाख रसोइयों को मिल सकता है लाभ
उत्तर प्रदेश में पीएम पोषण योजना से जुड़े करीब 3 लाख 54 हजार रसोइयों को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है। इतनी बड़ी संख्या में रसोइयों को स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ना सरकार की महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। कैशलेस चिकित्सा कार्ड मिलने से जरूरत पड़ने पर इलाज के लिए तत्काल आर्थिक राहत मिल सकती है। परिवार के सदस्यों को भी सुविधा मिलने से इसका दायरा और बढ़ जाएगा। सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा रसोइया परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है। इससे बीमारी के दौरान इलाज के खर्च को लेकर होने वाली चिंता कम करने में मदद मिलेगी। सरकार की योजना रसोइयों को केवल सम्मान देने तक सीमित न रखकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम बढ़ाना है। इस पहल से प्रदेशभर के रसोइयों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।