लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा और आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी तरह की अराजकता, उपद्रव या अफवाह फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए। गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, महिला सुरक्षा और आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलाए जाने वाले भ्रामक समाचारों का तुरंत खंडन किया जाए और अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इसे शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मेरठ के एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सीमावर्ती राज्यों का पूरा सहयोग मिल रहा है। वहीं, गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रवींद्र गौड़ ने जानकारी दी कि अब तक करीब 70 हजार कांवड़ यात्री गाजियाबाद से गुजर चुके हैं और अगले दो दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
बरेली में उर्स और कांवड़ यात्रा पर अतिरिक्त सतर्कता
मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने इस्लामिक समुदाय द्वारा उर्स के दौरान शाकाहारी भोजन वितरण और शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए आयोजन को सीमित दायरे में रखने की सराहना की।
महिला सुरक्षा पर भी दिए सख्त निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने हाल के महिला अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने, प्रदेश में तैनात 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक करने तथा महिलाओं की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।