नई दिल्ली। देशभर में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर समेत 15 राज्यों में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण मैदानी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति है, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से 250 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। कई राज्यों में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
दिल्ली-एनसीआर में जलभराव, कई घंटे जाम
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को हुई तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। राजधानी में 56 मिमी और गुरुग्राम में 117 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे, धौलाकुआं, कालिंदी कुंज, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ग्रीन पार्क, एम्स और कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो गया, जिससे घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। लगातार बारिश से राजधानी के अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
गुरुग्राम में कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम की अपील
बारिश और ट्रैफिक की गंभीर स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने निजी कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है, ताकि सड़कों पर दबाव कम किया जा सके।
उत्तराखंड-हिमाचल में भूस्खलन से सड़कें बंद
लगातार बारिश के चलते पहाड़ी राज्यों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। उत्तराखंड में 132 और हिमाचल प्रदेश में 120 से अधिक सड़कें भूस्खलन और मलबा आने के कारण बंद हैं। प्रशासन लगातार मार्ग बहाल करने में जुटा है, लेकिन कई इलाकों में आवाजाही अभी भी बाधित है।
असम में बाढ़ से हालात गंभीर
असम में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। राज्य में छह और लोगों की मौत के बाद इस मानसून सीजन में मृतकों की संख्या 95 पहुंच गई है। बाढ़ से 1.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत 15 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। कई स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। IMD ने किसानों, मछुआरों और यात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी लेने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।