रांची/नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026 | झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि झारखंड के विद्यार्थी अपने अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं और उनकी बात सुनी जानी चाहिए। कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 6 अगस्त को झारखंड प्रदर्शन से संबंधित उनका वीडियो प्रकाशित किया गया। राहुल गांधी ने गुरुवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्र और सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों से फोन पर बातचीत भी की। प्रदर्शनकारी JPSC, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच तथा परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम पर छात्रों और Gen Z के लिए आयोजित सवाल-जवाब कार्यक्रम के दौरान झारखंड आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को “ध्वस्त, महंगी और दमनकारी” बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के विरोध को किसी एक राज्य या सरकार तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हो, झारखंड सरकार हो या कांग्रेस के नेतृत्व वाली कोई सरकार—सभी को विद्यार्थियों की बात सुनकर शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में बदलाव के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। राहुल ने इससे पहले कोटा और देहरादून में भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाने का उल्लेख किया और कहा कि वह प्रयागराज में प्रस्तावित छात्र कार्यक्रम में भी यह मुद्दा उठाएंगे।
फोन कॉल पर छात्रों ने राहुल के सामने रखीं मांगें
छात्र नेता पीयूष कुमार सिंह के अनुसार, फोन पर बातचीत के दौरान राहुल गांधी को परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने और भर्ती संस्थाओं में सुधार की मांगों से अवगत कराया गया। पीयूष ने बताया कि राहुल गांधी ने इन मांगों के प्रति समर्थन जताया और मामले को सरकार के सामने उठाने की बात कही। यह विवरण छात्र नेताओं के बयान पर आधारित है; राहुल गांधी की ओर से फोन कॉल की विस्तृत आधिकारिक प्रतिलिपि सार्वजनिक नहीं की गई है।
‘कांग्रेस सरकार में भागीदार है, मदद करे’
आंदोलन से जुड़े छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को बताया कि कांग्रेस झारखंड की गठबंधन सरकार में शामिल है, इसलिए छात्रों की मांगों के समाधान में पार्टी की भी जिम्मेदारी बनती है। पासवान के मुताबिक राहुल गांधी ने उनसे मांगों का लिखित विवरण भेजने को कहा और भरोसा दिया कि वह मामले को गंभीरता से उठाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों की बातचीत कराने का प्रयास करने की बात भी कही। यह दावा भी छात्र प्रतिनिधियों के बयान पर आधारित है।
झारखंड के छात्र आखिर क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई से JPSC-JSSC Reform Manch के बैनर तले छात्र और नौकरी अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। विवाद 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम और दूसरी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित किया जाए।
- कथित गड़बड़ियों की जांच CBI या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीशों की समिति से कराई जाए।
- JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में संस्थागत एवं तकनीकी सुधार किए जाएं।
- परीक्षा कराने वाली एजेंसियों और संबंधित रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच हो।
- सरकार से होने वाली बातचीत पारदर्शी और ठोस निर्णय पर आधारित हो।
ये सभी आंदोलनकारियों के आरोप और मांगें हैं। कथित पेपर लीक, परिणाम में हेरफेर अथवा अन्य अनियमितताओं पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है।
सरकार से बातचीत के लिए बनी 11 सदस्यीय टीम
आंदोलनकारी छात्रों ने राज्य सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है। इसमें आठ छात्र प्रतिनिधियों के साथ एक वकील और दो विशेषज्ञ या सलाहकार शामिल किए गए हैं। छात्रों ने मांग की है कि बातचीत बंद कमरे में करने के बजाय पारदर्शी तरीके से हो और उसके परिणाम सार्वजनिक किए जाएं। राज्य प्रशासन ने पहले पांच से सात प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाने का प्रस्ताव रखा था। बाद में आंदोलनकारियों ने अपनी व्यापक प्रतिनिधि टीम घोषित की। खबर तैयार किए जाने तक सभी प्रमुख मांगों पर अंतिम समझौते या परीक्षा रद्द करने की घोषणा सामने नहीं आई थी।
हेमंत सोरेन सरकार का क्या कहना है?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए खुले हैं। राज्य सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों की एक समिति के माध्यम से प्रदर्शनकारियों से संवाद शुरू करने की बात कही है। सरकार का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आरोपों की जांच एजेंसियां कर रही हैं और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू और प्रदेश के नेताओं ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर छात्रों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा है।
कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से अहम क्यों है मामला?
झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस महत्वपूर्ण सहयोगी दल है। ऐसे में राहुल गांधी का यह कहना कि कांग्रेस या उसकी सहयोगी सरकारों को भी छात्रों की बात सुननी चाहिए, पार्टी के लिए जवाबदेही का सवाल भी खड़ा करता है। कांग्रेस नेतृत्व ने आंदोलन के समर्थन के साथ राज्य सरकार से समाधान निकालने की मांग की है। दूसरी ओर भाजपा ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर JPSC-JSSC विवाद पर सरकार से जवाब और स्वतंत्र जांच की मांग की।
दिल्ली में हुई झारखंड कांग्रेस की समीक्षा बैठक
कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली में झारखंड के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठनात्मक समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य से पंचायत स्तर तक संगठन की स्थिति और छात्र आंदोलन पर प्रदेश नेतृत्व से रिपोर्ट ली गई। बैठक में झारखंड प्रभारी के. राजू, सह-प्रभारी बेला प्रसाद और भूपेंद्र मरावी, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश तथा विधायक दल के नेता प्रदीप यादव के शामिल होने की जानकारी है।
क्या राहुल गांधी झारखंड आएंगे?
स्थानीय रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश संगठन को राहुल गांधी के संभावित झारखंड दौरे की तैयारी करने के निर्देश मिले हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से उनके दौरे की तारीख, कार्यक्रम और छात्र आंदोलन स्थल पर जाने की औपचारिक घोषणा खबर तैयार होने तक नहीं की गई थी। इसलिए इसे निश्चित दौरा नहीं, बल्कि संभावित कार्यक्रम के रूप में ही प्रकाशित करना चाहिए।
छात्रों और अभ्यर्थियों पर क्या असर पड़ेगा?
- JPSC अभ्यर्थियों के लिए: आंदोलन की सबसे अहम मांग प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और दोबारा कराने की है। फिलहाल परीक्षा रद्द नहीं हुई है।
- JSSC अभ्यर्थियों के लिए: भर्ती एजेंसियों की कार्यप्रणाली और परीक्षा कराने वाली बाहरी संस्थाओं की जांच की मांग से भविष्य की परीक्षाओं के नियम प्रभावित हो सकते हैं।
- दूसरे प्रतियोगी छात्रों के लिए: आंदोलन में पारदर्शी परीक्षा, समयबद्ध भर्ती और स्वतंत्र शिकायत निवारण तंत्र की मांग व्यापक रूप से उठाई जा रही है।
- राज्य सरकार के लिए: बातचीत विफल होने पर आंदोलन और राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है; समाधान होने पर भर्ती व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
FAQ: झारखंड छात्र आंदोलन और राहुल गांधी का बयान
1. राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों से क्या कहा?
उन्होंने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र, कांग्रेस या झारखंड—हर सरकार को विद्यार्थियों की बात सुनकर शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए कार्रवाई करनी चाहिए।
2. क्या राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की?
हां। गुरुवार को उन्होंने रांची में आंदोलन कर रहे छात्र प्रतिनिधियों से फोन पर बातचीत की। छात्र नेताओं के अनुसार उन्होंने मांगों को सरकार के सामने उठाने का भरोसा दिया।
3. आंदोलनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, स्वतंत्र जांच कराने और JPSC-JSSC की भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
4. क्या हेमंत सोरेन सरकार छात्रों से बातचीत करेगी?
राज्य सरकार ने बातचीत के लिए सहमति जताई है और एक समिति बनाई है। प्रदर्शनकारियों ने बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया है, लेकिन अंतिम समाधान अभी सामने नहीं आया है।
5. क्या राहुल गांधी का झारखंड दौरा तय हो गया है?
दौरे की तैयारी से जुड़ी रिपोर्ट सामने आई है, लेकिन औपचारिक तारीख या विस्तृत कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है।