प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल और ईंधन के कम उपयोग को लेकर की गई अपील का असर अब उत्तराखंड में भी दिखाई देने लगा है। देहरादून स्थित सूचना विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दिन ऐसा निर्धारित किया है जब वे निजी पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल या साइकिल का उपयोग कर कार्यालय पहुंचेंगे।
ऊर्जा बचाने की अपील
शनिवार को सूचना विभाग में इसका असर साफ देखने को मिला जहां विभाग के निदेशक से लेकर तमाम अधिकारी और कर्मचारी सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए दफ्तर पहुंचे। सूचना विभाग के निदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि वैश्विक हालात और ईंधन संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊर्जा बचाने की अपील की है जिसके तहत विभाग ने शनिवार को नो फ्यूल डे के रूप में तय किया है। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन का उत्पादन सीमित है और वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत पर भी पड़ता है ऐसे में सभी लोगों को इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। वहीं अपर निदेशक सूचना आशीष त्रिपाठी ने कहा कि यह पहल हरित क्रांति और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है जिससे ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जाएगा।