हरिद्वार : जनपद में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर-3 ज्वालापुर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर-18 कनखल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता मध्याह्न भोजन स्वच्छता व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने विद्यालयों की कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछे और उनकी शैक्षणिक समझ एवं प्रगति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने शिक्षकों से भी विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालय में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक बच्चे को सीखने के समान अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा का स्तर केवल उपस्थिति तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि बच्चों की वास्तविक शैक्षणिक प्रगति पर भी लगातार नजर रखी जानी चाहिए। विद्यार्थियों की समझ के स्तर के अनुरूप शिक्षण पद्धति अपनाने पर भी जोर दिया गया।
मिड-डे मील की गुणवत्ता में लापरवाही न बरतने के निर्देश
जिलाधिकारी ने विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को स्वच्छ पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। भोजन तैयार करने और बच्चों को परोसने के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने मिड-डे मील में हरी सब्जियों को शामिल करने के भी निर्देश दिए ताकि बच्चों को पौष्टिक आहार मिल सके।
स्वच्छता और सुविधाओं का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली और आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का वातावरण बच्चों के अनुकूल स्वच्छ और सुरक्षित होना चाहिए। स्कूल में साफ-सफाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
बच्चों से संवाद कर परखी पढ़ाई
जिलाधिकारी ने कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से सीधे संवाद किया और उनसे पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछे। बच्चों की ओर से दिए गए जवाबों के माध्यम से उन्होंने उनकी शैक्षणिक स्थिति को समझने का प्रयास किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों की पढ़ाई में जहां भी कमी दिखाई दे वहां अतिरिक्त प्रयास कर उसे दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालयों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और निरीक्षण आवश्यक है।
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से विद्यालयों में व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों और शिक्षकों में भी सक्रियता देखने को मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा भोजन और स्वच्छता जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रशासन की ओर से इस तरह के निरीक्षणों का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ बच्चों को बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।