हरिद्वार : जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संवेदनशील स्थानों की पहचान कर ठोस कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने बार-बार हादसे होने वाले स्थानों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाकर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
हादसों वाले स्थानों का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जिन स्थानों पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं वहां केवल सामान्य निरीक्षण के बजाय थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए। ऑडिट के माध्यम से सड़क की स्थिति यातायात व्यवस्था संकेतक प्रकाश व्यवस्था और अन्य संभावित कारणों का तकनीकी आकलन किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि दुर्घटनाओं के वास्तविक कारण सामने आने के बाद संबंधित विभागों को सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी ताकि एक ही स्थान पर बार-बार होने वाले हादसों को रोका जा सके।
15 अक्टूबर तक सभी सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद की सड़कों की स्थिति को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर तक जिले की सभी सड़कों को हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाए।
संबंधित विभागों को सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को भी कहा।
ओवरस्पीडिंग और नशे में ड्राइविंग पर सख्ती
सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में तेज रफ्तार और यातायात नियमों का उल्लंघन भी शामिल है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने ओवरस्पीडिंग नशे में वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमित चेकिंग और प्रवर्तन अभियान चलाए जाएं। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
जनवरी से जुलाई तक हजारों चालान
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जुलाई के बीच परिवहन विभाग ने ओवरस्पीडिंग के मामले में 8,175, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 19,429 और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर 371 चालान किए।
वहीं पुलिस विभाग की ओर से भी ओवरस्पीडिंग के 8,465 और बिना हेलमेट वाहन चलाने के 15,846 चालान किए गए। आंकड़ों से स्पष्ट है कि यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में लगातार प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।
सभी विभाग मिलकर करें काम
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। हादसों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए परिवहन पुलिस लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक सुधार किए जाएं।
डीएम ने कहा कि सड़क हादसों को कम करने के लिए सड़क की बेहतर स्थिति यातायात नियमों का पालन प्रभावी प्रवर्तन और विभागों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। यदि सभी विभाग मिलकर गंभीरता से काम करेंगे तो जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित स्थानों के थर्ड पार्टी ऑडिट और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से हरिद्वार में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी गई है।