उत्तराखंड : नैनीताल जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सरोवर नगरी नैनीताल समेत जिले के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। विश्व प्रसिद्ध कैची धाम में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी तेज बहाव के साथ उफान पर है। वहीं बारिश के कारण जिले में 47 मार्ग बंद बताए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
कैची धाम में शिप्रा नदी का रौद्र रूप
नैनीताल जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच विश्व प्रसिद्ध कैची धाम में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण नदी तेज बहाव के साथ बह रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई है।
कैची धाम मंदिर के आसपास शिप्रा नदी के उफान को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है लेकिन मौसम का मिजाज देखते हुए अगर बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है तो नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
पहाड़ों में भूस्खलन कई सड़कें बंद
भारी बारिश के कारण नैनीताल जिले के कई पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके चलते कई राज्य मार्ग प्रमुख मार्ग और ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में कुल 47 मार्ग बंद बताए गए हैं। इनमें 3 राज्य मार्ग 2 प्रमुख मार्ग 1 जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं।
बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से लगातार मार्गों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
स्नोव्यू में 217 मिलीमीटर बारिश
जिला आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार नैनीताल जिले में बारिश की तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रही। स्नोव्यू क्षेत्र में सबसे ज्यादा 217 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि रामनगर में 14.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
2 सितंबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
मूसलाधार बारिश को देखते हुए नैनीताल जिले में 2 सितंबर 2026 को कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने मौसम की स्थिति और संभावित जोखिम को देखते हुए यह फैसला लिया है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें। खासतौर पर लोगों को नदी नालों और गधेरों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल नैनीताल जिले में बारिश का दौर जारी है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। शिप्रा नदी का बढ़ता जलस्तर भूस्खलन और बंद सड़कों को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।