हल्द्वानी : नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर हल्द्वानी में नया विवाद सामने आया है। वाल्मीकि समाज के कुछ लोगों ने कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपते हुए मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके वाल्मीकि समाज से संबंध को लेकर सवाल उठाए हैं।
समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि अमित कुमार नाम का व्यक्ति वाल्मीकि समाज से संबंधित नहीं है इसके बावजूद उसने कथित तौर पर अपना नाम अमित वाल्मीकि बताते हुए राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि अमित कुमार का संबंध एक भाजपा नेता के परिवार से है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता की पहचान को लेकर सवाल
वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि अमित कुमार का समाज से कोई संबंध नहीं है। उनका आरोप है कि यदि किसी व्यक्ति ने स्वयं को वाल्मीकि समाज से संबंधित बताते हुए शिकायत या मुकदमा दर्ज कराया है जबकि उसका समाज से कोई संबंध नहीं है तो यह समाज के नाम और पहचान के गलत इस्तेमाल का मामला हो सकता है।
समाज के लोगों ने पुलिस से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान के साथ-साथ उसके वाल्मीकि समाज से संबंध की भी पुष्टि की जाए।
पुलिस को सौंपा लिखित शिकायत पत्र
वाल्मीकि समाज के लोगों ने इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में पुलिस से तथ्यों की जांच करने और यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति ने किस पहचान के आधार पर शिकायत दर्ज कराई।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को समाज के नाम का इस्तेमाल कर अपनी व्यक्तिगत या राजनीतिक शिकायत को आगे बढ़ाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविकता
फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर है। वाल्मीकि समाज की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतकर्ता की वास्तविक पहचान क्या है और उसका वाल्मीकि समाज से कोई संबंध है या नहीं।
साथ ही शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए राजनीतिक संबंधों से जुड़े आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।