लोहाघाट : इसे पहाड़ की अवहेलना कहें या फिर तंत्र की लापरवाही की पाटी ब्लाक के ग्राम पंचायत गागर के तोक साला रज्यूड़ा में सड़क नहीं पहुंच पाई है। बार बार शासन प्रशासन को ज्ञापन देने के बाद भी किसी के कान में जू तक नहीं रेंग रही है। ताजा मामला साला तोक निवासी कैलाश भट्ट पुत्र पूर्णानंद भट्ट अपने गाय बैलों को पास के ही खेतों में चारा चुगाने ले जा रहे थे। तभी पास में ही बैल ने उन पर सींग से हमला कर दिया। बैल के तीखे सींग से उनको गंभीर चोट लगने से तेजी से रक्त बहने लगा। उनकी हालत गंभीर हो गई।
गामीणों ने राजनेताओं को कोसा
आनन फानन में सभी लोगों को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने तत्काल कुर्सी की डोली में बैठा कर उन्हें ग्रामीण सड़क गागर के लिये रवाना किया गया गया। खड़ी चढाई और घाटी की गर्मी के बीच लोगों को कंधा लगाने में भी भारी दिक्कत हुई। 4 बार खड़ी चढ़ाई वाले रास्ते में विश्राम करना पड़ा तब जाकर सड़क तक पहुंचे। इसके बाद निजी वाहन से घायल हल्द्वानी रवाना हुआ। इस दौरान लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा शासन-प्रशासन व विधायक को भी खूब कोसा। खड़ी चढाई में पसीना पोछते हुये लोग शासन प्रशासन और राजनेताओं को कोसते रहे। स्थानीय लोगों ने कहा हर बार चुनाव में राजनेता उनको चुनाव जीतते ही रोड निर्माण करने का झूठा आश्वासन दे जाते है। जीतने के बाद गाड़ी से उतरकर कोई भी नेता उनके यहां नहीं आता है क्योंकि नेताओं की पैदल चलने में हालत खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग की है।
सड़क नहीं होने से छोड़नी पड़ी खेती
ग्रामीण शंकर दत्त भट्ट और दयाकिशन भट्ट ने कहा कि 2 साल दोनों ने मिलकर अपने खेतों में टमाटर और खीरा का उत्पादन किया टमाटर का करेंट कंधे में रखकर 10से 15किमी दूरी वाले आस पास के गांवों में बेचा भी टमाटर की पैदावार अच्छी हुई लेकिन सड़क नहीं होने के आधे से अधिक टमाटर सड़ कर खेतों में ही बर्बाद हो गये।नुकसान होने के कारण उन्होंने इस बार टमाटर खेती करनी छोड़ दी कहा सड़क बनने पर वह फिर टमाटर की खेती शुरू करेंगे।
पलायन को मजबूर ग्रामीग
ग्रामीणों ने कहा कि रोड बनने पर गांव से पलायन रूक जायेगा जो लोग अपने बच्चों को गांव में छोड़कर दूसरे प्रदेशों में काम की तलाश में जा रहे हैं वह भी गांव लौटकर खेतीबाड़ी कर अच्छी आजीविका अर्जित कर सकते हैं।