प्रयागराज के संगम तट पर लगे माघ मेले में लाखों श्रद्धालु रोज आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं। इसी भीड़ में ‘गोल्डन बाबा’ नाम से प्रसिद्ध मनोज आनंद महाराज सबका ध्यान खींच रहे हैं। सिर से पैर तक सोने और चांदी के आभूषणों से सजे बाबा की झलक पाने के लिए लोग रुक जाते हैं और उनके साथ फोटो-वीडियो बनाते हैं।
सोने-चांदी से सजी अनोखी वेशभूषा
गोल्डन बाबा की पहचान उनकी भव्य वेशभूषा है। उनके शरीर पर भारी सोने की चेन, कंगन, अंगूठियां, गले में रुद्राक्ष और शिव की माला, वहीं सिर पर चांदी का मुकुट उनकी अलग पहचान बनाता है। बताया जाता है कि बाबा करीब 5 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण पहनते हैं, जो उन्हें आम साधुओं से बिल्कुल अलग बनाता है।
डर नहीं, क्योंकि साथ है भगवान
जब बाबा से इतने कीमती गहने पहनने को लेकर सुरक्षा का सवाल किया गया, तो उन्होंने शांत मुस्कान के साथ कहा कि जिनके साथ भगवान होते हैं, उन्हें किसी का भय नहीं रहता। बाबा का दावा है कि उन पर अब तक चार बार हमले हो चुके हैं, लेकिन हर बार वे सुरक्षित बचे और हमलावर कानून के शिकंजे में आए।
करौली वाले बाबा के भक्त, 20 साल पुराना शौक
मूल रूप से कानपुर के रहने वाले मनोज आनंद महाराज खुद को करौली वाले बाबा का भक्त बताते हैं। वे पिछले करीब 20 वर्षों से सोना पहन रहे हैं। उनके अनुसार शुरुआत केवल एक सोने की चेन से हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह उनका शौक और पहचान बन गया। बाबा का कहना है कि वे क्षत्रिय हैं और प्राचीन काल में राजा-महाराजा सोना धारण करते थे, जो शौर्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता था।
कभी चांदी के जूते, अब नंगे पांव तपस्या
गोल्डन बाबा पहले चांदी के जूते भी पहनते थे, जिनकी कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जाती है। ये जूते उस समय बनवाए गए थे, जब चांदी का भाव 40 हजार रुपये प्रति किलो था। हालांकि वर्ष 2024 से बाबा ने नंगे पांव चलने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि संकल्प पूरा होने के बाद ही वे दोबारा चांदी के जूते पहनेंगे।
आडंबर के बीच साधना और दान-पुण्य
भले ही बाबा की पहचान सोने-चांदी से जुड़ी हो, लेकिन वे माघ मेले में नियमित पूजा-पाठ, साधना और दान-पुण्य भी करते हैं। उनके अनुसार आभूषण उनका निजी शौक हैं, जबकि आध्यात्मिक साधना उनका जीवन मार्ग। इसी अनोखे मेल ने उन्हें माघ मेले का खास आकर्षण बना दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल ‘गोल्डन बाबा’
गोल्डन बाबा के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। कोई उन्हें आस्था और शौक का अनूठा संगम बता रहा है, तो कोई इसे दिखावे से जोड़कर देख रहा है। बावजूद इसके, गोल्डन बाबा अपनी अलग पहचान के साथ माघ मेले में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
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