लखनऊ: पढ़ाई और NEET परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र के बीच चल रहा विवाद खौफनाक अंजाम तक पहुंच गया। राजधानी के आशियाना क्षेत्र में एक युवक ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, वारदात के बाद शव के कुछ टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए तथा धड़ नीले ड्रम में भर दिया और चार दिन तक अपनी छोटी बहन को जान से मारने की धमकी देकर घर में बंद रखा।
क्या है पूरा मामला?
मृतक मानवेंद्र सिंह शहर में वर्धमान पैथोलॉजी के संचालक थे। सालेह नगर और बुद्धेश्वर सहित उनकी चार पैथोलॉजी लैब्स और तीन शराब की दुकानें थीं। उनकी पत्नी का वर्ष 2017 में निधन हो चुका था। घर में बेटा अक्षत और 16 वर्षीय बेटी कृति रहते थे।
अक्षत टीएस मिश्रा कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। उसने लामार्ट स्कूल से 12वीं (बायोलॉजी) पास की थी और एक कोचिंग संस्थान से NEET की तैयारी की थी। दो बार परीक्षा देने के बावजूद वह सफल नहीं हो सका। पिता लगातार पढ़ाई को लेकर दबाव बना रहे थे, जिस कारण घर में कई बार विवाद हो चुका था।
हत्या के बाद रची साजिश
20 फरवरी की तड़के पढ़ाई को लेकर फिर कहासुनी हुई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि पिता ने राइफल से धमकाया था। इसी दौरान उसने राइफल उठाकर पिता के सिर में गोली मार दी।
हत्या के बाद अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाया, आरी से काटा, हाथ-पैर सदरौना के जंगल में फेंके और धड़ को नीले ड्रम में छिपा दिया। उसने छोटी बहन कृति को जान से मारने की धमकी देकर चार दिन तक घर में बंद रखा।
गुमशुदगी रिपोर्ट से किया गुमराह
वारदात के बाद आरोपी ने खुद 20 फरवरी को आशियाना थाने में गुमशुदगी संख्या 06/26 दर्ज कराई और लोगों को बताया कि पिता 19 फरवरी को दिल्ली काम से गए हैं।
हालांकि पड़ोसियों को उसके व्यवहार पर शक हुआ। घर के बाहर लगे CCTV फुटेज खंगाले गए तो पता चला कि 19 फरवरी की रात मानवेंद्र घर में दाखिल हुए थे, लेकिन बाहर नहीं निकले। वहीं अक्षत कार लेकर सदरौना की ओर जाता दिखाई दिया।
घर से आने वाली बदबू ने संदेह और गहरा कर दिया। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सख्ती से पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी घटना का खुलासा हुआ।
चार महीने पहले भी की थी चोरी
जांच में यह भी सामने आया कि चार महीने पहले घर से कीमती जेवर चोरी हुए थे। पहले शक कामवाली पर गया और थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन बाद में पता चला कि चोरी बेटे ने ही की थी। पिता ने बेटे को बचाने के लिए शिकायत वापस ले ली थी और उस पर सख्त नजर रखनी शुरू कर दी थी।
पुलिस कार्रवाई
डीसीपी मध्य के अनुसार आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने सदरौना के जंगल से अन्य अंगों की तलाश की, फॉरेंसिक टीम को बुलाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं, आरोपी की बहन कृति की काउंसलिंग कराई गई है। वह अभी भी सदमे में है।
बड़ा सवाल: पढ़ाई का दबाव या रिश्तों की दरार?
यह घटना उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है, जहां पढ़ाई और करियर के दबाव में रिश्तों की डोर कमजोर पड़ जाती है। छोटा सा विवाद जब संवाद की जगह आक्रोश ले लेता है, तो परिणाम भयावह हो सकता है।
पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है। (अपडेट जारी…)
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